रांची। राजधानी रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आदिवासी नेत्री निशा भगत अपने आवास पर आत्महत्या कर ली है। इसकी जानकारी मिलते ही पिठौरिया पुलिस उनके घर पहुंची और उन्हें रिम्स भेजा। रांची के डीएसपी हेडक्वार्टर-वन अमन कुमार पांडेय ने बताया कि उन्हें गंभीर हालत में रिम्स भेजा गया है।
डीएसपी ने बताया कि आत्महत्या की कोशिश की सूचना मिलते ही फौरन पिठौरिया थाना की टीम उनके घर पहुंच गई थी। पुलिस द्वारा बरामदगी के समय उनकी नब्ज चल रही थी, लेकिन निशा भगत अचेत हालत में थीं। डीएसपी ने अभी मौत की पुष्टि नहीं की है। अपराह्न 3 बजे रिम्स के निदेशक डॉ बीके सिन्हा ने बताया कि निशा भगत को अभी तक अस्पताल नहीं लाया गया है। इस मसले पर पिठौरिया थाना प्रभारी से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
आत्महत्या की कोशिश से पहले निशा भगत सोशल मीडिया पर लाइव थीं। वह खुद को सिस्टम के आगे लाचार बता रहीं थी। कह रहीं थी कि उन्हें आरएसएस और भाजपा का दलाल कहा जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है। उन्होंने अपने पिता को झारखंड आंदोलनकारी बताया। मां को याद किया। उन्होंने जमीन दलालों की बात की। कहा कि वह अपने समाज के हक की लड़ाई लड़ रही थी।
इस दौरान नेहा भगत ने पिठौरिया थाना प्रभारी को फोन किया। आरोप लगाया कि मुझे बदनाम करने वालों को आप नहीं पकड़ पाए। उन्होंने कहा कि वह अपनी लीला समाप्त कर रही हैं। इस दौरान थाना प्रभारी समझाते रहे। निशा भगत ने कहा कि उन्होंने कांके थाना को भी फोन किया था। इसके बाद उनकी आवाज बंद हो गई।
मामले को लेकर झारखंड विधानसभा नेता प्रतिपक्षा बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया में वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री के इशारे पर कुछ दलालों द्वारा आदिवासियों की जमीन हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य के हर थाना और अंचल में जमीन लूट का खेल चल रहा है। आदिवासी समाज आखिर अपनी ही जमीन पर कब तक प्रताड़ित होता रहेगा।