रांची। राजधानी रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र के दुबलिया गांव में जमीन विवाद को लेकर खूनी संघर्ष का मामला सामने आया है। यहां करीब 100 से अधिक हथियारबंद लोगों ने एक सीनियर अधिवक्ता और उनके बेटे पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद रिम्स रांची रेफर किया गया। हमलावरों ने इस दौरान गाड़ी में रखे 10 लाख रुपये नकद, लैपटॉप और सोने की चेन भी लूट ली।बरियातु के कुसुम विहार निवासी 74 वर्षीय अधिवक्ता राम नरेश सिंह ने पिठोरिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, 27 अक्टूबर 2026 की सुबह लगभग 9:30 बजे उनका बेटा विक्रमादित्य सिंह दुबलिया स्थित अपनी 10 एकड़ जमीन पर जेसीबी मशीन से झाड़ियों की सफाई और चहारदीवारी का काम करवा रहा था। इसी बीच अधिवक्ता राम नरेश सिंह भी वहां पहुंचे।
अधिवक्ता का आरोप है कि उसी समय गांव के बहादुर उरांव, सचिन कुमार, विमल उरांव समेत 11 नामजद और उनके साथ करीब 100 से अधिक अज्ञात महिला-पुरुष रॉड और फरसा से लैस होकर वहां पहुंच गए। भीड़ ने अचानक उन्हें घेर लिया और सिर पर पीछे से वार कर दिया, जिससे वह बेहोश होकर गिर पड़े। जब उनका बेटा विक्रमादित्य उन्हें बचाने के लिए उनके ऊपर लेटा, तो हमलावरों ने उस पर भी फरसे और लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।हमलावरों ने अधिवक्ता की लाइसेंसी राइफल छीनने की भी कोशिश की और विक्रमादित्य के गले से सोने की चेन झपट ली। इसके अलावा, वहां खड़ी बोलेरो गाड़ी और एक अन्य कार को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। गाड़ी में रखे दो लैपटॉप, एक मोबाइल, ड्रोन कैमरा और मजदूरों के भुगतान के लिए रखे 10 लाख रुपये भी लूट लिए गए। घटना के बाद हमलावर दोनों को अधमरा समझकर भाग निकले। निर्माण स्थल पर रखा पानी का टैंकर, सीमेंट और कंटेनर हाउस भी पूरी तरह तहस-नहस कर दिया गया।प्राथमिकी में बताया गया है कि घटना से ठीक एक दिन पहले, 26 अक्टूबर को किशोरगंज निवासी आशुतोष शाहदेव कुछ ग्रामीणों के साथ वहां आए थे और उस जमीन पर अपना दावा ठोकते हुए धमकी दी थी। पिठोरिया थाना पुलिस ने इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सब-इंस्पेक्टर सुनील कुमार दास को जांच का जिम्मा सौंपा गया है।
पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।