कांटाटोली में नाबालिग छात्रा से छेड़खानी और मारपीट का आरोप, छह दिन बाद भी कार्रवाई नहीं होने से मां-बेटी परेशान
गांडीव रिपोर्टर
रांची। “मां, मैं कॉलेज नहीं जाऊंगी। सड़क पर लड़के छेड़ते हैं। विरोध करने पर मारपीट करने लगते हैं।” बेटी की यह पीड़ा सुनकर एक मां की चिंता बढ़ गई है। बेटी की पढ़ाई जारी रखने की चाह और उसकी सुरक्षा की चिंता के बीच मां खुद को असहाय महसूस कर रही है। आरोप है कि थाने में शिकायत देने के छह दिन बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में मां-बेटी न्याय की उम्मीद में दर-दर भटक रही हैं।
सरेराह छेड़खानी और मारपीट का यह मामला राजधानी रांची के लोअर बाजार थाना क्षेत्र स्थित कांटाटोली हरिजन बस्ती का है। नाबालिग छात्रा की मां ने इस संबंध में लोअर बाजार थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। आवेदन के अनुसार, कॉलेज जाने के दौरान तीन युवक छात्रा के साथ छेड़खानी करते हैं। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की जाती है।
26 अक्टूबर की घटना, थाने में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं
पीड़िता की मां के अनुसार, घटना 26 अक्टूबर की है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत लेकर थाना पहुंचने के बावजूद उन्हें थाना प्रभारी से मिलने नहीं दिया जाता था। अपनी बात रखने का उचित अवसर भी नहीं मिल पा रहा था। लिखित आवेदन देने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होने से परिवार निराश है।
मां ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों में शामिल एक युवक के पिता लोअर बाजार थाना में चालक के पद पर कार्यरत हैं। उनका दावा है कि इसी वजह से मामले में कार्रवाई नहीं हो रही है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
एसपी कार्यालय पहुंचीं, वहां भी नहीं मिली राहत
न्याय की उम्मीद में पीड़िता की मां ने मानवाधिकार आयोग में कार्यरत एक महिला से संपर्क कर पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद वह शिकायत लेकर एसपी कार्यालय पहुंचीं, लेकिन वहां भी उन्हें निराशा हाथ लगी। उन्हें बताया गया कि एसपी किसी अन्य कार्य में व्यस्त हैं। इसके बाद उन्होंने सिटी एसपी से मिलने का प्रयास किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।
लगातार निराशा और आरोपियों के डर के कारण अब मां-बेटी घर से बाहर निकलने में भी असहज महसूस कर रही हैं। छात्रा की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। परिवार को हर समय बेटी की सुरक्षा की चिंता सता रही है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई : सिटी डीएसपी
इस मामले में सिटी डीएसपी केवी रमन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बेटियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
राजधानी में एक नाबालिग छात्रा को छेड़खानी और कथित मारपीट के डर से कॉलेज जाने से हिचकना बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। सवाल यह भी है कि जब पीड़ित परिवार लिखित शिकायत लेकर थाने पहुंचता है, तो उसे समय पर राहत और सुरक्षा क्यों नहीं मिल पाती?
एक ओर बेटियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सड़क पर असुरक्षा का भय उनकी पढ़ाई में बाधा बन रहा है। अब देखना यह है कि पुलिस जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है और पीड़ित छात्रा को सुरक्षा व न्याय कब तक मिल पाता है।
