सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की सूची। यहाँ आप हर योजना के लाभ, योग्यता और आवेदन की प्रक्रिया हिंदी में जान सकते हैं।
इस महत्वकांक्षी योजना के तहत झारखंड सरकार राज्य की गरीब एवं जरूरतमंद महिलाओं को उनके भरण-पोषण और सशक्तिकरण के लिए हर महीने 1,000 रुपये (यानी 12,000 रुपये प्रति वर्ष) की सम्मान राशि सीधे उनके बैंक खाते (DBT) में प्रदान कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
अबुआ आवास योजना झारखंड सरकार की एक फ्लैगशिप योजना है, जिसका उद्देश्य राज्य के उन गरीब एवं बेघर परिवारों को अपना पक्का मकान देना है जो 'प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY)' या किसी अन्य सरकारी आवास योजना का लाभ पाने से वंचित रह गए हैं। इस योजना के तहत लाभुकों को तीन कमरों का पक्का मकान बनाने के लिए राज्य सरकार 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देती है।
आर्थिक तंगी के कारण जिन छात्रों की पढ़ाई रुक जाती थी, उनके लिए यह योजना एक बहुत बड़ा वरदान है। 'गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' के तहत उच्च शिक्षा (इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ, मैनेजमेंट आदि) प्राप्त करने वाले मेधावी छात्रों को 15 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मात्र 4% की मामूली ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए छात्र को बैंक को कोई गारंटी नहीं देनी पड़ती (Collateral Free), सीधें सरकार इसकी गारंटी लेती है।
पूर्व की 'मुख्यमंत्री सुकन्या योजना' को संशोधित कर सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना लागू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना और बाल विवाह को रोकना है। इस योजना के अंतर्गत बालिका के 8वीं कक्षा से लेकर 18/19 साल की उम्र तक विभिन्न चरणों में कुल 40,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है ताकि बालिका की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके।
राज्य के बेरोजगार युवाओं (ST, SC, OBC, अल्पसंख्यक और दिव्यांग) को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए CMEGP की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत युवा अपना खुद का व्यवसाय (दुकान, मोटरवाहन, उद्योग) शुरू करने के लिए 25 लाख तक का लोन ले सकते हैं, जिस पर 40% (अधिकतम 5 लाख) तक की सब्सिडी (अनुदान) सरकार द्वारा दी जाती है।
यह योजना प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के स्थान पर झारखंड सरकार द्वारा लागू की गई है। इसके अंतर्गत सूखा (Drought), बाढ़ या बेमौसम बारिश जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल बर्बाद होने पर किसानों को आर्थिक क्षतिपूर्ति (मुआवजा) सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है।
मनरेगा (MGNREGA) की तर्ज पर यह देश की पहली योजना है जो 'शहरी क्षेत्र' के अकुशल श्रमिकों (Urban Unskilled Workers) को 100 दिनों के रोजगार की गारंटी देती है। यदि आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर काम नहीं मिलता है, तो सरकार श्रमिक को बेरोज़गारी भत्ता (Unemployment Allowance) प्रदान करती है।
यह योजना विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए है जो हड़िया (स्थानीय शराब) या दारू बेचने के काम में जुड़ी हुई हैं। सरकार इन महिलाओं को मुख्यधारा की आजीविका से जोड़ने के लिए 10,000 रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण (Interest-Free Loan) देती है ताकि वे सखी मंडल के ज़रिए सम्मानजनक व्यवसाय (जैसे सिलाई, दुकान या पशुपालन) शुरू कर सकें।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) से आच्छादित राज्य के गरीब बीपीएल (BPL) परिवारों के लिए 'सोना सोबरन धोती-साड़ी योजना' चलाई जाती है। इसके तहत पीडीएस (PDS) राशन दुकानों के माध्यम से मात्र 10 रुपये में एक धोती/लुंगी और 10 रुपये में एक साड़ी वर्ष में दो बार दी जाती है।
झारखंड देश का पहला राज्य बना है जिसने 'सर्वजन पेंशन योजना (Universal Pension Scheme)' लागू की है। इस योजना के तहत BPL या APL कार्ड की बाध्यता खत्म कर दी गई है। राज्य के सभी 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध, 18 वर्ष से अधिक आयु की निराश्रित/विधवा महिलाएं और 5 वर्ष से अधिक उम्र के दिव्यांग या HIV पीड़ित नागरिकों को 1000 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती है।
आर्थिक रूप से कमज़ोर (BPL) परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए 'झारखंड मुख्यमंत्री कन्यादान योजना' चलाई जा रही है। इस योजना के तहत राज्य सरकार बेटी के विवाह के अवसर पर 30,000 रुपये की नकद सहायता सीधे बैंक खाते में प्रदान करती है ताकि विवाह में आने वाले खर्चों का बोझ कम हो सके।
झारखंड राज्य के एसटी (ST), एससी (SC) और ओबीसी (OBC) वर्ग के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा (मैट्रिक के बाद) प्राप्त करने के लिए 'ई-कल्याण छात्रवृत्ति' प्रदान की जाती है। यह स्कॉलरशिप कॉलेज की फीस भरने और हॉस्टल/किताबों के खर्च में बहुत मददगार होती है। सभी आवेदन ई-कल्याण (e-Kalyan) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन लिए जाते हैं।
देशभर के छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना' (PM-Kisan) चलाई जा रही है। इस योजना के तहत किसानों को 6,000 रुपये प्रति वर्ष की न्यूनतम आय सहायता (Minimum Income Support) प्रदान की जाती है, जो 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों (DBT) में ट्रांसफर की जाती है।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा/आश्वासन योजना है, जो पूरी तरह से सरकार द्वारा वित्त पोषित है। यह योजना प्रत्येक पात्र परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त कैशलेस इलाज (सरकारी और सूचिबद्ध प्राइवेट अस्पतालों में) प्रदान करती है। हाल ही में 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी वरिष्ठ नागरिकों को भी इस योजना (Vaya Vandana Yojana) में शामिल कर लिया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का লক্ষ্য 'सभी के लिए आवास' (Housing for All) प्रदान करना है। इसके दो घटक हैं: PMAY-U (शहरी) और PMAY-G (ग्रामीण)। इस योजना के तहत सरकार बेघर लोगों या कच्चे मकान में रहने वाले परिवारों को पक्का मकान बनाने या खरीदने के लिए सीधे तौर पर आर्थिक सहायता या होम लोन पर ब्याज सब्सिडी (CLSS) प्रदान करती है।
पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों (बढ़ई, दर्जी, लोहार, कुम्हार, नाई आदि) के कौशल और व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना शुरू की गई है। इस योजना में कारीगरों को ट्रेनिंग, 500 रुपये प्रतिदिन का स्टाइपेंड, 15,000 रुपये का टूलकिट, और बिना गारंटी के 3 लाख रुपये तक का लोन (केवल 5% ब्याज पर) दिया जाता है।
भारत सरकार ने घरों की छत पर सोलर पैनल लगाने को बढ़ावा देने के लिए 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य 1 करोड़ घरों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करना है। इसके साथ ही, आप अतिरिक्त बिजली बेचकर हर साल 15,000 से 18,000 रुपये तक की बचत/निजी कमाई भी कर सकते हैं। सरकार इसमें भारी सब्सिडी दे रही है।