पीएम विश्वकर्मा योजना (2025-26)
पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों (बढ़ई, दर्जी, लोहार, कुम्हार, नाई आदि) के कौशल और व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना शुरू की गई है। इस योजना में कारीगरों को ट्रेनिंग, 500 रुपये प्रतिदिन का स्टाइपेंड, 15,000 रुपये का टूलकिट, और बिना गारंटी के 3 लाख रुपये तक का लोन (केवल 5% ब्याज पर) दिया जाता है।
पात्रता (Eligibility)
- •आवेदक 18 पारंपरिक शिल्पों/व्यापारों में से किसी एक में कारीगर या शिल्पकार हो।
- •आवेदक की आयु न्यूनतम 18 वर्ष होनी चाहिए।
- •परिवार का कोई सदस्य सरकारी सेवा में न हो।
- •पिछले 5 वर्षों में पीएम स्वनिधि (PM SVANidhi) या PMEGP के तहत ऋण न लिया हो।
ज़रूरी दस्तावेज़ (Documents)
- •आधार कार्ड
- •पैन कार्ड
- •बैंक पासबुक
- •सक्रिय मोबाइल नंबर
- •राशन कार्ड
यहाँ से आवेदन करें
आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँपीएम विश्वकर्मा योजना — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
इस योजना में 18 पारंपरिक व्यवसाय शामिल हैं जैसे: बढ़ई (Carpenter), दर्जी (Tailor), राजमिस्त्री (Mason), लोहार, सुनार, कुम्हार, धोबी, नाई (Barber), मोची (Cobbler) आदि।