रांची: झारखंड की आदिवासी नेत्री निशा भगत की आत्महत्या के मामले ने राजनीतिक हलचलों को जन्म दे दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने इस घटना को लेकर पिठोरिया थाना और राज्य सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए और उसे गिरफ्तार किया जाए। निशा भगत की मृत्यु के बाद आदिवासी समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों में शोक का माहौल है।

सरकार और पुलिस की भूमिका पर सवाल

आदित्य साहू ने मामले को गंभीर बताते हुए पिठोरिया थाना और राज्य सरकार की कार्यशैली पर कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ पुलिस की कार्यप्रणाली और शिकायतों के निपटारे के तरीके पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। अब देखना यह है कि पुलिस और सरकार इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।

निशा भगत का भावुक लाइव वीडियो

निशा भगत ने आत्महत्या करने से पहले अपने दर्द को सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो के माध्यम से साझा किया था। वीडियो में वह भावुक नजर आ रही थीं और अकेलेपन, संघर्ष तथा मानसिक पीड़ा की बातें कर रही थीं। उन्होंने अपने माता-पिता के प्रति चिंता जताते हुए कहा कि उनके इस कदम से उन्हें दुख होगा। लाइव के दौरान उन्होंने पिठोरिया थाना प्रभारी को फोन कर अपनी जान लेने की बात भी कही थी और यह स्पष्ट किया था कि वह किसी की दलाल नहीं हैं।