रांची। झारखंड के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हर बच्चे तक आधुनिक, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में राजधानी रांची में दो दिवसीय राज्य स्तरीय एडटेक रोडमैप परामर्श कार्यशाला का आगाज हुआ। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के लिए एक व्यावहारिक, समावेशी और भविष्योन्मुखी एजुकेशन टेक्नोलॉजी रोडमैप तैयार करना है, जिससे डिजिटल संसाधनों के जरिए शिक्षा के स्तर में क्रांतिकारी बदलाव लाया जा सके। कार्यशाला का उद्घाटन जेईपीसी के राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन, यूनिसेफ झारखंड की प्रमुख डॉ. कनिनिका मित्रा तथा यूनिसेफ की शिक्षा विशेषज्ञ पारुल शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। सत्र को संबोधित करते हुए शशि रंजन ने अपनी इंग्लैंड यात्रा के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि वैश्विक स्तर पर एडटेक के सफल और संतुलित प्रयोगों से सीख लेते हुए झारखंड को भी पूरी तैयारी के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक कभी भी शिक्षक की जगह नहीं ले सकती, बल्कि यह शिक्षकों को सशक्त करने और सीखने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने का एक मजबूत माध्यम है। यूनिसेफ झारखंड की प्रमुख डॉ. कनिनिका मित्रा ने जमीनी हकीकत पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि हमारी डिजिटल नीति के केंद्र में सुदूर क्षेत्र का वह अंतिम बच्चा होना चाहिए, जो भाषाई, सामाजिक या आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, डिजिटल पहल की सफलता तभी है जब यह उस बच्ची तक भी सुगमता से पहुंचे जो हो भाषा बोलती है, गरीब परिवार से आती है और जिसे डिजिटल उपकरणों की सीमित पहुंच हासिल है। रोडमैप ऐसा होना चाहिए जो हर बच्चे की वास्तविक जरूरतों के प्रति संवेदनशील और उत्तरदायी हो।
तीन मजबूत स्तंभों पर तैयार होगा रोडमैप
दो दिवसीय विमर्श के दौरान राज्य के एडटेक ढांचे को तीन मुख्य आधारों पर अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिसमें, रटंत प्रणाली और डिजिटल स्क्रीन के यांत्रिक प्रदर्शन को दरकिनार कर आलोचनात्मक सोच, छात्र-शिक्षक संवाद और स्थानीय भाषाओं के समावेश को प्राथमिकता दी जाएगी। डिजिटल खाई को पाटते हुए दिव्यांग बच्चों, हाशिए पर मौजूद वर्गों और दूरदराज के क्षेत्रों तक सुरक्षित एवं समान पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। सुरक्षित डेटा प्रबंधन, प्रभावी गवर्नेंस और मजबूत संस्थागत नीतियों का निर्माण किया जाएगा।