ईडी ने भर्ती घोटाले की तेज की जांच, बिचौलियों पर कसा रहा शिकंजा

गांडीव रिपोर्टर

रांची। जेपीएससी नियुक्ति परीक्षाओं में धांधली के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत ईडी ने अपनी जांच तेज कर दी है। सीआईडी थाना में दर्ज कांड संख्या 16/2026 के आधार पर ईडी वित्तीय लेनदेन और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। जांच में अवैध वसूली का आंकड़ा 100 करोड़ रुपये से अधिक के सबूत सामने आ रहे है।

ईडी की जांच में जो आँकड़े मिले है उसके अनुसार, पीटी पास कराने के लिए करीब 5 लाख और अंतिम चयन के लिए 10 से 25 लाख रुपये तक की रकम तय होने का आरोप है। आरोपी बुधेश्वर भगत के बयान के मुताबिक, 14वीं जेपीएससी पीटी के लिए उसने 24 अभ्यर्थियों की सूची दी थी, जिनमें 11 अभ्यर्थियों ने 10-10 लाख रुपये दिए और पीटी पास की।

ईडी की जांच में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते, उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत आयोग के अधिकारियों, परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल के पदाधिकारियों और बिचौलियों सहित 15 आरोपियों को शामिल किया गया है। सीआईडी को जांच के दौरान परीक्षा की उत्तर पुस्तिका, आंसर-की साझा करने और अंकों में हेराफेरी से जुड़े तकनीकी साक्ष्य भी मिले हैं।

राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में दिए शपथ पत्र में भी द्वितीय श्रेणी के पदों को 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक में बेचे जाने का आरोप बताया है। ईडी अब इन्हीं वित्तीय लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।