पलामू। रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची के सांसद संजय सेठ ने बुधवार को पलामू में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी और विभिन्न संगठनों के आंदोलनों को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी पैसे के जरिए भारत को गृहयुद्ध में झोंकने और देश की अर्थव्यवस्था को पटरी से उतारने की कोशिश की गई है।
संजय सेठ ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान देशभर के लोग पूजा पंडालों में मौजूद हैं, लेकिन राहुल गांधी विदेश में हैं। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी की ओर से दुर्गा पूजा को लेकर कोई तस्वीर या सोशल मीडिया पोस्ट सामने नहीं आई। सेठ ने कहा कि राहुल गांधी को देश के त्योहारों और सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद की कार्यवाही के दौरान भी राहुल गांधी देश से बाहर चले जाते हैं। उनके अनुसार, सत्ता से दूर रहने के कारण विपक्ष का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है।
रिजीम चेंज के मुद्दे पर संजय सेठ ने कहा कि देश की जनता एकजुट है और युवा वर्ग हर गतिविधि को समझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग भारत को फ्रांस और इटली जैसे देशों की तर्ज पर बदलने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि विदेशी पैसे के जरिए देश में अस्थिरता पैदा करने और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
न्यायपालिका पर जताया भरोसा : विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए संजय सेठ ने कहा कि विपक्ष को स्पष्ट करना चाहिए कि वह देश को किस दिशा में ले जाना चाहता है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में प्रदर्शन की बात का उल्लेख करते हुए भारतीय न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि भारत की न्यायिक प्रक्रिया विश्व की सबसे अच्छी प्रक्रियाओं में से एक है। उन्होंने हलफनामों में गलतियों का भी जिक्र किया और कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में निर्धारित नियमों के तहत अपनी बात रखी जानी चाहिए।

घुसपैठियों और एसआईआर पर कांग्रेस को घेरा
रक्षा राज्य मंत्री ने घुसपैठ के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए आरोप लगाया कि घुसपैठिये कांग्रेस का वोट बैंक रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में किसी भी घुसपैठिये को रहने नहीं दिया जाना चाहिए और उन्हें वापस भेजा जाना चाहिए। चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाने वालों को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि एसआईआर यानी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण एक सतत प्रक्रिया है। संजय सेठ ने सवाल किया कि क्या दूसरे देश से आने वाले लोगों को भारत में मतदान का अधिकार दिया जाना चाहिए और क्या ऐसे लोगों को देश के प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार होना चाहिए? उन्होंने कहा कि देश की जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी।