श्राद्ध कार्यक्रम को लेकर नेमरा में सुरक्षा सख्त
नेमरा में पारिवारिक परंपराओं के साथ किया श्राद्ध कर्म
रामगढ़। मां के निधन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पैतृक गांव नेमरा में श्राद्ध कर्म से जुड़ी पारंपरिक रस्मों का निर्वहन कर रहे हैं। इसी क्रम में सातवें दिन उन्होंने दिवंगत माता रूपी सोरेन की स्मृति में निर्धारित रीति-रिवाजों को पूरी श्रद्धा के साथ निभाया। श्राद्ध कर्म के दौरान मुख्यमंत्री ने परंपरा के अनुसार दातून, पानी और भोजन परोसने की रस्म पूरी की। इस मौके पर परिवार के सदस्य और ग्रामीण भी उपस्थित रहे। मां को श्रद्धांजलि देने और पारिवारिक परंपराओं के निर्वहन के दौरान माहौल भावुक बना रहा। परिजनों के साथ ग्रामीण भी इस अवसर पर मौजूद रहे और दिवंगत रूपी सोरेन की स्मृति से जुड़े अनुष्ठानों में शामिल हुए।
वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां स्वर्गीय रूपी सोरेन के श्राद्ध कार्यक्रम को लेकर रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित पैतृक गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस मुख्यालय ने 13 आईपीएस अधिकारियों और 42 डीएसपी स्तर के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है। इन अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर आईजी मानवाधिकार कार्यालय की ओर से प्रतिनियुक्ति से संबंधित आदेश जारी किया गया है। रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक के अनुरोध पर यह व्यवस्था की गई है। प्रतिनियुक्त अधिकारी 15 अक्टूबर की दोपहर से 19 अक्टूबर की सुबह तक या कार्यक्रम समाप्त होने तक नेमरा और रामगढ़ में तैनात रहेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए एसटीएफ डीआईजी इंद्रजीत महथा, एसआईबी एसपी सौरभ, जैप-4 के समादेष्टा ऋषभ कुमार झा, विशेष शाखा एसपी हरविंदर सिंह, एसीबी एसपी सुमित कुमार अग्रवाल, जैप-6 के समादेष्टा राजेश कुमार, सीआईडी एसपी रोशन गुड़िया और एसीबी एसपी श्रीराम समद को तैनात किया गया है।
इसकेअलावा धनबाद ग्रामीण एसपी एस। मोहम्मद याकूब, जमशेदपुर ग्रामीण एसपी शुभम कुमार खंडेलवाल, रांची ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी, सिमरिया एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊसाहेब और चैनपुर एसडीपीओ श्रुति को भी सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है।