रांची/नई दिल्ली। राष्ट्रीय इंस्पायर अवार्ड मानक प्रतियोगिता में झारखंड ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। 12वीं राष्ट्र स्तरीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता में रामगढ़ के छात्र पूरव जैन ने रजत पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया है। वहीं, चतरा के दीपक कुमार ने भी देश के टॉप-60 राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं में जगह बनाई है। राष्ट्रीय स्तर पर पहली बार झारखंड को टॉप-3 में स्थान मिला है। इस उपलब्धि से राज्य के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की क्षमता को राष्ट्रीय पहचान मिली है।
रामगढ़ स्थित आर्मी स्कूल के छात्र पूरव जैन ने बिजली की खपत की निगरानी करने वाले एक अभिनव उपकरण का विचार प्रस्तुत किया था। उनके इस नवाचार को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए तैयार करने में बीआईटी मेसरा में आयोजित मेंटरशिप कार्यक्रम की अहम भूमिका रही। यहां वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की टीम ने उनके प्रोजेक्ट को तकनीकी रूप से बेहतर बनाने में मदद की।
पूरव जैन के इस नवाचार को निर्णायक मंडल ने सराहा हैं और उन्हें रजत पदक से सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि राष्ट्रीय इंस्पायर अवार्ड मानक प्रतियोगिता में झारखंड को पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष तीन स्थानों में जगह मिली है।
चतरा जिले के गिधौर स्थित गंगा स्मारक उच्च विद्यालय के छात्र दीपक कुमार ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने स्मार्ट बोरवेल पाइप कटर पर आधारित नवाचार प्रस्तुत किया, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर टॉप-60 पुरस्कार विजेताओं में शामिल किया गया।
दोनों विद्यार्थियों की सफलता ने झारखंड में स्कूली शिक्षा के साथ विज्ञान, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने की संभावनाओं को नई दिशा दी है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित सम्मान समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। पूरव जैन को रजत पदक के साथ प्रमाण पत्र, स्मृति चिह्न और लैपटॉप प्रदान किया गया। इस उपलब्धि पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद और इंस्पायर अवॉर्ड मानक की राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी नीलम आईलीन टोप्पो ने दोनों विद्यार्थियों को बधाई दी।
उन्होंने घोषणा की है कि राज्य स्तर पर भी विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।
दिल्ली में आयोजित प्रतियोगिता में झारखंड की टीम के साथ सहायक राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ। शाहनवाज कुरैशी, डॉ। नूतन कुमारी सिन्हा, राम कुमार दास, मनु कुमारी, अभिषेक राज और दिनकर स्वराज भी शामिल रहे।