रांची। राजधानी रांची में मंगलवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ने उस वक्त गंभीर रूप ले लिया, जब मकान टूटते देख बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए। सैटेलाइट चौक से राजद कार्यालय के बीच चल रही कार्रवाई के दौरान लोगों और प्रशासनिक टीम के बीच जमकर विरोध और नोकझोंक हुई। हालात बिगड़ने पर पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा।
कार्रवाई के दौरान कई मकानों को हटाया गया। घरों पर जेसीबी चलते ही प्रभावित परिवार अपने जरूरी सामान को बचाने में जुट गए। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ बढ़ गई और सड़क पर आवागमन प्रभावित होने लगा। बिरसा चौक से अलकापुरी चौक तक वाहनों की कतार लग गई।
जेसीबी को घेरकर कार्रवाई रोकने की कोशिश
मकान तोड़े जाने से नाराज लोगों ने जेसीबी को घेर लिया। कुछ लोग मशीन पर भी चढ़ गए और कार्रवाई बंद करने की मांग करने लगे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें नीचे उतारने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच कई बार तीखी बहस हुई।
लोगों का कहना था कि बारिश के मौसम में परिवारों को बेघर करना उचित नहीं है। प्रभावित लोगों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई से पहले उनकी समस्याओं और रहने की व्यवस्था को लेकर कोई ठोस समाधान नहीं दिया गया।
घर बचाने की गुहार, सामान समेटते दिखे परिवार
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच कई परिवार अपने घरों से सामान निकालते नजर आए। महिलाएं और बच्चे भी घरेलू सामान को सुरक्षित जगह पहुंचाने में जुटे रहे। कुछ लोगों ने प्रशासन से कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई।
प्रभावित परिवारों के सामने सबसे बड़ी चिंता अब रहने की जगह को लेकर है। लोगों का कहना है कि वर्षों से रहने के बाद अचानक मकान टूटने से उनके सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
मौके पर पहुंचे विधायक, बरसात में कार्रवाई पर उठाए सवाल
विरोध की सूचना मिलने पर हटिया विधायक नवीन जायसवाल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बारिश के बीच मकान तोड़े जाने पर आपत्ति जताई। विधायक ने कहा कि कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों की स्थिति और उनकी परेशानियों को समझना जरूरी है।
वहीं भाजपा के अन्य नेताओं ने भी मौके पर पहुंचकर लोगों से बातचीत की और प्रशासन के समक्ष उनकी समस्याएं रखने की बात कही।
पार्षद ने उठाया पुनर्वास का मुद्दा
स्थानीय पार्षद नीलम गुप्ता ने भी कार्रवाई का विरोध किया। महिला पुलिसकर्मियों और विरोध कर रही महिलाओं के बीच तीखी बहस की स्थिति बनी।
नीलम गुप्ता ने आरोप लगाया कि गरीब परिवारों के घर हटाए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जमीन को लेकर कार्रवाई जरूरी है तो प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था कौन करेगा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इलाके में फाइव स्टार होटल बनाने के लिए गरीबों के मकान हटाए जा रहे हैं। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासन ने बताया- जिला प्रशासन का अभियान
नगर प्रशासक सुशांत गौरव ने कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जिला प्रशासन की ओर से की जा रही है। उनके अनुसार जिला प्रशासन ने एचईसी क्षेत्र की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए रांची नगर निगम से सहयोग मांगा था।
उन्होंने कहा कि नगर निगम की भूमिका अभियान के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने तक सीमित है। एचईसी की जमीन से अतिक्रमण हटाने का आग्रह जिला प्रशासन की ओर से किया गया था।
तनाव के बीच पुलिस की निगरानी
हंगामे को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने लोगों को सड़क से हटाने और यातायात सामान्य कराने का प्रयास किया। कार्रवाई और विरोध के कारण इलाके में काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही।