गढ़वा के डीएफओ एबीन बेनी अब्राहम ने बताया कि रंका, भंडरिया, बड़गड़ और रमकंडा क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी की सूचना मिली थी। पगमार्क की जांच के बाद इसकी पुष्टि हुई है। हालांकि, अभी तक बाघ कैमरा ट्रैप में कैद नहीं हुआ है। बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने संभावित इलाकों में पेड़ों पर कैमरा ट्रैप लगाए हैं। इसके जरिए बाघ की आवाजाही और गतिविधियों की निगरानी की जा रही है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई



