नई दिल्ली: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की युवा ओपनर शेफाली वर्मा को एक महत्वपूर्ण सम्मान प्राप्त हुआ है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने उन्हें नवंबर 2025 की महिला प्लेयर ऑफ द मंथ के रूप में चुना है। यह पुरस्कार उन्हें महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए दिया गया है। शेफाली की बल्ले और गेंद दोनों से उत्कृष्ट खेल ने भारत को पहली बार वर्ल्ड कप जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

<h3 style="text-align: justify;"><strong>फाइनल में शेफाली का शानदार प्रदर्शन</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">नवी मुंबई के डॉ. डीवाई पाटिल स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए फाइनल मैच में शेफाली ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने ओपनिंग करते हुए 78 गेंदों पर 87 रनों की तेज पारी खेली। यह उनके एकदिवसीय करियर का सबसे बड़ा स्कोर था और उन्होंने तीन साल बाद पुनः फिफ्टी लगाई। स्मृति मंधाना के साथ मिलकर उन्होंने पहले विकेट के लिए 104 रनों की साझेदारी की, जिसने भारत को एक मजबूत शुरुआत दी। भारत ने 50 ओवर में कुल 298 रनों का स्कोर बनाया।</p>

<h3 style="text-align: justify;"><strong>गेंद से भी किया कमाल</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">गेंदबाजी में भी शेफाली ने अपनी क्षमता साबित की। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने उन्हें गेंदबाजी के लिए उतारा और शेफाली ने 7 ओवर में केवल 36 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट लिए। उन्होंने सुने लूस और मारिजाने कैप जैसे प्रमुख बल्लेबाजों को आउट किया। इससे दक्षिण अफ्रीका की टीम संकट में आ गई और वे 246 रनों पर ऑलआउट हो गई। भारत ने इस मैच को 52 रनों से जीतकर पहली बार महिला वर्ल्ड कप अपने नाम किया। शेफाली को फाइनल का प्लेयर ऑफ द मैच भी घोषित किया गया।</p>

<h3 style="text-align: justify;"><strong>शेफाली की कठिनाईयों से भरी यात्रा</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">शेफाली का यह सफर आसान नहीं रहा। शुरू में उन्हें टीम में जगह नहीं मिली थी। पहले यास्तिका भाटिया की बजाय उमा छेत्री को चुना गया था, लेकिन बाद में प्रतिका रावल की चोट के कारण शेफाली को टीम में शामिल किया गया। सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने केवल 10 रन बनाए, लेकिन फाइनल में उन्होंने अपनी बेहतरीन खेल पेश किया।</p>

<h3 style="text-align: justify;"><strong>शेफाली की खुशी और आभार</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">विभिन्न सम्मान मिलने पर शेफाली ने कहा कि उनका पहला वर्ल्ड कप अनुभव उनके विचारों के अनुसार नहीं रहा, लेकिन अंततः सब कुछ बहुत अच्छा रहा। वह टीम की जीत में योगदान देने और घरेलू मैदान पर इतिहास रचने को लेकर प्रसन्न हैं। उन्होंने यह पुरस्कार अपनी पूरी टीम, कोच, परिवार और सभी समर्थकों को समर्पित किया।</p>