राजधानी में भारत-वेस्टइंडीज मैच का खुमार लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। रांची ही नहीं, पूरे स्टेट के 24 जिलों के लोगों में खासा उत्साह है। मैच देखने के लिए राजधानी ही नहीं, 24 जिलों के लोग राजधानी पहुंच चुके हैं, जबकि कई लोग सुबह तक रांची पहुंच गए हैं। लोगों के साथ-साथ छोटे-छोटे व्यवसायियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। छोटे व्यवसायी कर्ज लेकर सामग्री खरीदकर अपना छोटा-छोटा दुकान स्टेडियम से थोड़ी दूर लगाए हुए हैं।
स्टेडियम के आसपास की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है। ऐसी व्यवस्था की गई है कि किसी प्रकार से सुरक्षा में चूक न हो। सुरक्षा में जैप, एसीबी, एसआईआरबी, रैप सहित 3000 से अधिक जवान व पदाधिकारियों को लगाया गया है। ट्रैफिक संभालने के लिए पदाधिकारियों सहित 1500 ट्रैफिक पुलिस को स्टेडियम के आसपास तैनात किया जाएगा। रिंग रोड की ओर से स्टेडियम की ओर आने वाले सभी रास्तों पर ट्रैफिक पुलिस को खासकर तैनात किया गया है। मैच के पहले राजधानी में कम व्यस्त वाले चौक-चौराहों में तैनात ट्रैफिक पुलिस पदाधिकारी व जवान की कटौती कर उन्हें स्टेडियम के आसपास लगाया गया है। सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी, ट्रैफिक एसपी के अलावा जैप के कई समादेष्टा को स्टेडियम के अलग-अलग इलाके का जिम्मा सौंपा गया है। इसके अलावा काफी संख्या में एएसपी और डीएसपी को सुरक्षा में लगाया गया है।
स्टेडियम जाने वाले रास्ते पर टैटू बनाने वालों के कई स्टॉल लग गए हैं। इतना ही नहीं, खिलाड़ियों के नाम व नंबर वाला टी-शर्ट व कैप बेचने वालों के स्टॉल भी एक लाइन से लगे हुए हैं। क्योंकि अपनी-अपनी टीम का समर्थन करने के लिए दर्शक टी-शर्ट व कैप बहुतायत में खरीदते हैं। छोटे से लेकर बड़े आकार का तिरंगा बेचने वालों के भी कई स्टॉल लगे हुए हैं।
मैच में तिरंगे की मांग काफी बढ़ जाती है। इसे देखते हुए राजधानी में कई टेलर मैच की तारीख की घोषणा होते ही तिरंगा बनाने में लग गए थे। उनका मानना है कि 40,000 दर्शकों में कम से कम 10,000 दर्शक तो अवश्य तिरंगा खरीदेंगे।
मैच के दौरान बारिश की कितनी संभावना?
भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले के दौरान मौसम की स्थिति अहम रहने वाली है। स्थानीय मौसम पूवार्नुमान में दोपहर बाद गरज के साथ बारिश और शाम के समय भी तेज हवा चलने की संभावना दिखाई गई है। ऐसे में मैच के दौरान बारिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, बारिश किस समय और कितनी देर तक होगी, इसे लेकर निश्चित रूप से कुछ कहना संभव नहीं है। यदि स्टेडियम के आसपास बारिश होती है, तो खेल रोकना पड़ सकता है और मैदान को दोबारा खेलने योग्य बनाने में समय लग सकता है। ऐसे में क्रिकेट प्रशंसकों को मैच शुरू होने से पहले और मुकाबले के दौरान मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखनी होगी।
झारखंड के इन जिलों में बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग के पूवार्नुमान के मुताबिक, 9 अक्टूबर को मध्य झारखंड के रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद में कुछ स्थानों पर मौसम बदलने की संभावना है। दक्षिणी झारखंड के पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां जिलों में भी कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। उत्तर-पश्चिमी झारखंड के पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार के अलावा उत्तर-पूर्वी हिस्से के देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज में भी कुछ स्थानों पर मौसम में बदलाव के आसार हैं।
तेज हवा और वज्रपात को लेकर भी चेतावनी
मौसम विभाग ने 9 अक्टूबर को राज्य के कुछ हिस्सों में गरज, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताई है।
10 अक्टूबर को भी झारखंड के उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। इसके बाद 12 अक्टूबर तक मौसम मुख्य रूप से साफ और शुष्क रहने का अनुमान जताया गया है।




