रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं पर आरोप लगाया है कि वे राज्य की जनता का अपमान कर रहे हैं। झामुमो ने कहा कि झारखंड किसी राजनीतिक दल का गढ़ नहीं है, बल्कि यह सवा तीन करोड़ लोगों की आकांक्षाओं और संघर्षों की भूमि है। पार्टी के केंद्रीय महासचिव और प्रवक्ता विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि झारखंड की जनता ही तय करती है कि सत्ता में कौन रहेगा, और उन्होंने लगातार दो बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सेवा का मौका दिया है।

भाजपा को अपने कार्यकाल का जवाब देना चाहिए

पांडेय ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से सवाल किया कि राज्य के गठन के बाद लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा ने आदिवासियों, मूलवासियों, युवाओं और किसानों के लिए क्या किया। उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है, लेकिन यहां के लोगों को उनके संसाधनों के अनुसार अधिकार और अवसर नहीं मिले। भाजपा नेताओं को अपने शासनकाल के कामकाज का हिसाब देना चाहिए।

लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान आवश्यक

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसे संवेदनशील मुद्दे पर पांडेय ने भाजपा नेताओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया और नागरिकों के अधिकारों का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए विपक्ष पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगा रही है। नागरिकता और मताधिकार से जुड़े विषयों पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, न कि राजनीतिक बयानबाजी से समाज में भय और भ्रम का माहौल बनाया जाना चाहिए।

पांडेय ने कहा कि झारखंड की जनता ने हमेशा अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष किया है। भाजपा चाहे जितनी बैठकें कर ले और अपने कार्यकर्ताओं को राजनीतिक मंत्र दे, लेकिन राज्य की जनता अपने अनुभव और विवेक से फैसला करेगी। झामुमो की राजनीति झारखंड के लोगों के अधिकारों और विकास के लिए समर्पित है। भाजपा को अपने वादों और शासनकाल का जवाब देना चाहिए, क्योंकि झारखंड की जनता जानती है कि उसके हितों की बात कौन करता है।