रांची। झारखंड के तीरंदाज विजय सुंडी ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए देश को गौरवान्वित किया है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित पांचवें पैरा एशियाई खेलों में भारतीय तीरंदाजी टीम ने पुरुष रिकर्व युगल स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत में विजय सुंडी की अहम भूमिका रही। उनकी इस उपलब्धि से पश्चिमी सिंहभूम सहित पूरे झारखंड के खेल जगत में खुशी का माहौल है। विजय सुंडी की सफलता को राज्य में पैरा खेलों की संभावनाओं और खिलाड़ियों की बढ़ती क्षमता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा बनकर उन्होंने साबित किया है कि निरंतर अभ्यास,अनुशासन और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल की जा सकती है।
विजय सुंडी की उपलब्धि से पश्चिमी सिंहभूम के युवा खिलाड़ियों और तीरंदाजी में रुचि रखने वाले युवाओं को नई प्रेरणा मिली है। उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बावजूद मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा जा सकता है। खेल प्रेमियों और जिले के लोगों ने उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता जताते हुए बधाई दी है।