पाकुड़: स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर एक गर्भवती महिला को खटिया पर लादकर मुख्य सड़क तक पहुँचाया, जो गांव से लगभग 4 किमी दूर है। इस प्रक्रिया में उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ा, लेकिन अंततः महिला को अस्पताल पहुंचाया गया।
गांव में चिकित्सा सुविधा की कमी
ग्राम प्रधान बैदा पहाड़िया ने बताया कि गांव तक पक्की सड़क नहीं है, जिसके कारण मरीजों को खटिया पर लादकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। यहां तक पहुँचने के लिए ग्रामीणों को कच्ची पगडंडियों का सहारा लेना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं या अन्य मरीजों के लिए यह बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, खासकर सर्पदंश जैसी आपात स्थितियों में।
समय पर इलाज की आवश्यकता
बैदा पहाड़िया ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण मरीजों की जान पर खतरा मंडराता है। उन्हें पहले मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है, फिर वहां से किसी वाहन का इंतजाम करना होता है। यह स्थिति विडंबना है, क्योंकि एक ओर देश अंतरिक्ष में चंद्रयान और मंगलयान भेजने की तैयारी कर रहा है, जबकि दूसरी ओर प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं की इतनी कमी है।
