रांची: राज्य में सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग एवं निस्तारण के लिए एक नई प्रक्रिया शुरू की जाएगी। परिवहन सचिव राजीव रंजन ने कहा कि यह प्रक्रिया भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएगी। सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए एक पारदर्शी व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिसमें यह तय किया जाएगा कि किन वाहनों को स्क्रैपिंग की श्रेणी में रखा जाएगा।
सरकारी वाहनों के निस्तारण की आवश्यकताएँ
बैठक में बताया गया कि विशेष रूप से पुलिस विभाग के थानों में दुर्घटनाग्रस्त एवं लंबे समय से अनुपयोगी पड़े वाहनों का निस्तारण प्राथमिकता में रहेगा। राजीव रंजन ने कहा कि केवल पुराने वाहनों को हटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि यह संसाधनों के बेहतर उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और सरकारी राजस्व में वृद्धि से भी जुड़ी है।
विभागीय नोडल अधिकारियों के लिए निर्देश
सचिव ने सभी विभागीय नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस प्रक्रिया को गंभीरता से समझें और अपने-अपने विभागों में आवश्यक कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि यदि प्रक्रिया के किसी भी चरण में कोई समस्या उत्पन्न होती है, तो परिवहन विभाग से परामर्श लिया जा सकता है।
बैठक के दौरान MSTC और RVSF के प्रतिनिधियों ने सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग की संपूर्ण प्रक्रिया का चरणबद्ध प्रस्तुतीकरण किया। इसमें वाहन का विवरण अपलोड करने, नीलामी और स्क्रैपिंग कराने की जानकारी दी गई। विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ-साथ MSTC, GeM और RVSF के प्रतिनिधि भी बैठक में उपस्थित रहे।
