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ग्रामीण विकास विभाग (मनरेगा कोषांग, झारखंड सरकार)राज्य सरकार (झारखंड)लाभ: निःशुल्क फलदार बागवानी + 5 वर्ष तक मनरेगा रखरखाव भत्ता + ₹50,000/वर्ष आय

बिरसा हरित ग्राम योजना (फलदार पौधरोपण एवं ₹50,000 वार्षिक आय सहायता) (2026)

अंग्रेजी नाम: Birsa Harit Gram Yojana Jharkhand

ग्रामीण किसानों और मनरेगा श्रमिकों को स्थायी आजीविका प्रदान करने तथा राज्य में हरित आवरण बढ़ाने के लिए झारखंड सरकार द्वारा 'बिरसा हरित ग्राम योजना' चलाई जा रही है। इस योजना के तहत किसानों की रैयती या परती भूमि पर आम (मल्लिका व आम्रपाली), अमरूद, नींबू और इमारती लकड़ी के पौधे लगाए जाते हैं। सरकार 5 वर्षों तक पौधों की देखभाल के लिए मनरेगा मजदूरी और खाद-दवा का खर्च देती है, जिससे तीसरे वर्ष से किसान को प्रति एकड़ ₹50,000 तक की वार्षिक आमदनी होने लगती है।

बिरसा हरित ग्राम योजना (फलदार पौधरोपण एवं ₹50,000 वार्षिक आय सहायता) — संक्षिप्त विवरण (Quick Facts 2026)

✓ सत्यापित विवरण
योजना का नामबिरसा हरित ग्राम योजना (फलदार पौधरोपण एवं ₹50,000 वार्षिक आय सहायता) (Birsa Harit Gram Yojana Jharkhand)
नोडल विभाग / मंत्रालयग्रामीण विकास विभाग (मनरेगा कोषांग, झारखंड सरकार)
मिलने वाली लाभ राशि / सुविधानिःशुल्क फलदार बागवानी + 5 वर्ष तक मनरेगा रखरखाव भत्ता + ₹50,000/वर्ष आय
पात्र लाभार्थी वर्गझारखंड के ग्रामीण किसान, मनरेगा जॉब कार्डधारी एवं वन पट्टाधारी परिवार
आवेदन का माध्यमग्राम पंचायत एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO / मनरेगा) कार्यालय
टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर1800-345-6556 / 181
आधिकारिक वेबसाइटhttps://rdd.jharkhand.gov.in/

पात्रता की शर्तें (Eligibility Criteria)

  • आवेदक झारखंड के ग्रामीण क्षेत्र का निवासी हो और उसके पास मनरेगा जॉब कार्ड हो।
  • किसान के पास कम से कम 50 डिसमिल से 5 एकड़ तक खेती योग्य या परती भूमि (या वन पट्टा भूमि) उपलब्ध हो।
  • बुजुर्गों, विधवा महिलाओं, PVTG और SC/ST परिवारों को सरकारी परती भूमि पर भी बागवानी का पट्टा दिया जाता है।

आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents)

  • आधार कार्ड एवं मनरेगा जॉब कार्ड
  • जमीन का खतियान / लगान रसीद / वन पट्टा
  • बैंक खाता पासबुक
  • ग्राम सभा की अनुशंसा

बिरसा हरित ग्राम योजना (फलदार पौधरोपण एवं ₹50,000 वार्षिक आय सहायता) के लिए आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Process)

  1. 1

    अपनी ग्राम पंचायत के रोजगार सेवक, मुखिया या प्रखंड के मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी (BPO) से संपर्क कर आवेदन प्रपत्र प्राप्त करें।

  2. 2

    ग्राम सभा में अपनी भूमि पर 'बिरसा हरित ग्राम योजना' के तहत आम/अमरूद बागवानी का प्रस्ताव पारित कराएं।

  3. 3

    मानसून से पूर्व गड्ढा खुदाई, घेराबंदी, पौधों की आपूर्ति और 5 वर्षों तक सिंचाई व देखरेख की मजदूरी सीधे आपके मनरेगा खाते में भुगतान की जाती है।

आधिकारिक पोर्टल एवं ऑनलाइन आवेदन लिंक

बिरसा हरित ग्राम योजना (फलदार पौधरोपण एवं ₹50,000 वार्षिक आय सहायता) का फॉर्म भरने, लाभार्थी सूची (Beneficiary List) देखने या अपने आवेदन का स्टेटस चेक करने के लिए नीचे दिए गए आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर जाएँ:

आधिकारिक वेबसाइट खोलें (rdd.jharkhand.gov.in)

बिरसा हरित ग्राम योजना (फलदार पौधरोपण एवं ₹50,000 वार्षिक आय सहायता) से जुड़ी ताज़ा ख़बरें और किस्त अपडेट

बिरसा हरित ग्राम योजना (फलदार पौधरोपण एवं ₹50,000 वार्षिक आय सहायता) — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

इस योजना के तहत 1 एकड़ भूमि में लगभग 100 से 112 उन्नत किस्म के फलदार पौधे (आम्रपाली, मल्लिका आम या अमरूद) और किनारे पर इमारती लकड़ी के पौधे लगाए जाते हैं।

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