रांची
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पारंपरिक व्यवस्था से जुड़े लोगों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए बैंकों से बीमा योजना बनाने की अपील की है। उन्होंने बुधवार को प्रोजेक्ट भवन में झारखंड सरकार और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बीच समझौता ज्ञापन समारोह में यह बात कही। सोरेन ने कहा कि राज्य में ऐसे कई लोग हैं, जो सामाजिक व्यवस्था को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन उन्हें नियमित वेतन नहीं मिलता।

विपत्ति में हर नागरिक को मिले सहायता

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की मंशा है कि हर नागरिक को विपत्ति के समय आर्थिक सहायता मिले। इस दिशा में कई कार्ययोजनाएं तैयार की जा रही हैं, जिसमें हेल्थ इंश्योरेंस जैसी योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका मानना है कि छोटे-छोटे प्रयासों से ही बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं।

मुखिया और प्रधान के लिए सुरक्षा व्यवस्था

सोरेन ने बताया कि वर्तमान समझौते का लाभ मुख्य रूप से उन लोगों को मिलेगा, जिनके बैंक खातों में सरकार की ओर से वेतन जाता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में ऐसे कई लोग हैं जो सरकार के अभिन्न अंग हैं और उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिलता। भविष्य में ऐसे लोगों को भी सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने पर विचार किया जाएगा।