दिल्ली की एक अदालत ने एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई के दौरान अपीलकर्ताओं और सीबीआई के अधिवक्ताओं को आवश्यक दस्तावेजों की पहचान करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि निचली अदालत का रिकॉर्ड बहुत बड़ा है, इसलिए उसकी पूरी हार्ड कॉपी सभी पक्षों को उपलब्ध कराना संभव नहीं है।

पिछली सुनवाई में, अधिवक्ता ने तर्क किया था कि प्रभावी बहस के लिए दस्तावेजों की पेपर बुक तैयार करना आवश्यक है। अदालत ने इस पर विचार करते हुए निर्देश दिया कि सभी पक्ष रिकॉर्ड का निरीक्षण करें और उन दस्तावेजों की पहचान करें, जिनकी बहस के दौरान जरूरत होगी।

अदालत ने यह भी कहा कि संबंधित दस्तावेजों की पहचान होने के बाद उनकी स्कैन कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे सुनवाई के दौरान आवश्यक कागजात तक पहुंच आसान होगी और मामले की कार्यवाही को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।