झारखंड में शहीदों की प्रतिमाएं स्थापित करने के लिए स्मारक की आधारशिला रखने का अवसर प्राप्त होना सुदेश महतो के लिए गर्व की बात है। महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलन में बाउरी समाज की एक महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिस पर सभी को गर्व होना चाहिए।
शहीदों का सम्मान आवश्यक
महतो ने कहा कि शहीद केवल एक विशेष समाज के नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के गौरव हैं। यह कार्यक्रम केवल भाषण देने का नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना को जगाने का अवसर है। उन्होंने यह भी बताया कि तीनों आंदोलनकारियों को अब तक शहीद का दर्जा नहीं मिला है, और उन्हें यह सम्मान मिलना चाहिए।
आंदोलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
महतो ने शहीदों की शहादत के पीछे की परिस्थितियों और गोली चलाने वालों से जुड़े इतिहास को सामने लाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आजसू परिवार शहीदों को सम्मान दिलाने के लिए आगे आएगा। उनका 50वां शहादत दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा और उनकी आदमकद प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।
