रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड ऊर्जा विद्युत निगम लिमिटेड (जेयूवीएनएल) में प्रोन्नति से जुड़े एक कंटेंप्ट मामले को डिस्पोज कर दिया। एलपीए 129 आॅफ 2021 की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने उर्जा विभाग में कार्यरत अविनाश कुमार के एलपीए को डिस्पोज कर दिया। अदालत ने 17 फरवरी को मौखिक आदेश देते हुए 18 फरवरी को अन्य औपचारिकताएं पूरा करने के लिए केस को पुटअप करने का निर्देश दिया था। इस याचिका में कंटेंप्ट केस 277 आॅफ 2019 का हवाला देकर प्रोन्नति और अन्य सुविधाओं पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया था। अदालत को बताया गया कि कंटेंप्ट केस में अताउर रहमान नामक कर्मी को प्रोन्नति से संबंधित सुविधाएं प्रदान कर दी गयीं। इसमें अताउर रहमान ने कहा था कि उनके जूनियर को जेयूवीएनएल की तरफ से प्रोन्नति और इसके उपरांत की सुविधाएं मिल गयीं। पर 2019 तक उन्हें सुविधाएं नहीं मिली थीं। जेयूवीएनएल की ओर से 29 जनवरी 2021 को पूरक शपथ पत्र दायर कर यह बताया गया था कि जेयूवीएनएल के निदेशक मंडल को याचिकाकर्ता के आवेदन पर प्रोन्नति और अन्य सुविधाएं देने का प्रस्ताव रख दिया गया है।
जेयूवीएनएल के एलपीए को हाईकोर्ट ने किया डिस्पोज
रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड ऊर्जा विद्युत निगम लिमिटेड (जेयूवीएनएल) में प्रोन्नति से जुड़े एक कंटेंप्ट मामले को डिस्पोज कर
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