रांची। झारखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने अब लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजधानी रांची में पिछले दो-तीन दिनों से लगातार बारिश के कारण शहर के तीनों प्रमुख डैम—कांके डैम, रुक्का डैम और हटिया डैम—लगभग लबालब हो चुके हैं। वहीं, राज्य के कई अन्य बड़े डैमों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है और कई डैमों के फाटक खोलकर पानी की निकासी शुरू कर दी गई है। लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने भी हाई अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

राजधानी रांची में बारिश का असर शहर की सड़कों पर साफ दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं और जगह-जगह जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। निचले इलाकों में पानी जमा होने से लोगों को घर से निकलने और आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई प्रमुख सड़कों पर पानी भरने से यातायात भी प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश के कारण राजधानीवासियों का सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

पतरातू से चांडिल तक डैमों पर बढ़ा दबाव

राज्य के प्रमुख डैमों में भी लगातार पानी की आवक हो रही है। पतरातू डैम के दो फाटक खोले गए हैं, जबकि कांके डैम के गेटों से भी पानी की निकासी की जा रही है। बोकारो जिले में तेनुघाट डैम के छह रेडियल गेट खोले गए हैं। यहां से करीब 9,710 क्यूसेक पानी दामोदर नदी में छोड़ा जा रहा है।

इधर, सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल डैम के नौ गेटों को एक-एक मीटर तक खोल दिया गया है। इससे स्वर्णरेखा और खरकई नदियों में पानी का बहाव बढ़ रहा है। लगातार बारिश और डैमों से पानी छोड़े जाने के कारण नदी किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।

रांची के निचले इलाकों में बढ़ी परेशानी

कांके, रुक्का और हटिया डैम में पानी लगातार बढ़ने के साथ ही राजधानी के कई निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या गंभीर हो गई है। कई जगहों पर सड़कों पर घुटनों तक पानी जमा होने से पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। बारिश के कारण बाजार, कार्यालय जाने वाले लोगों और स्कूली बच्चों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।

नदी और डैम के आसपास जाने से बचने की अपील

बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से उफनती नदियों, डैम, पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के पास नहीं जाने की अपील की है। मछुआरों और मवेशी चराने वाले लोगों को भी नदी के किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है।

कंट्रोल रूम सक्रिय, राहत-बचाव टीमें अलर्ट

लगातार बारिश और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित जिलों में जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए स्थानीय प्रशासन की टीमें अलर्ट मोड पर हैं। जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत और बचाव अभियान चलाने की तैयारी की गई है।

मौसम विभाग की ओर से भी राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में डैम और नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की निगरानी और बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, मौसम और प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करें और जलजमाव या तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।