नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को गुमला में स्वर्गीय निशा भगत के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। मरांडी ने कहा कि आदिवासी समाज की बेटी निशा भगत की आत्महत्या के लिए सरकार सीधे जिम्मेदार है। उन्होंने झारखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति को भयावह बताते हुए कहा कि राज्य में गुंडे, दलाल और माफिया अपना समानांतर तंत्र चला रहे हैं।
सरकार पर आरोप
मरांडी ने आरोप लगाया कि झारखंड के हर अंचल, ब्लॉक और थाने में गुंडे और माफिया सक्रिय हैं, जिन्हें सरकार का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि आम जनता अपनी शिकायतें लेकर सरकारी दफ्तरों का चक्कर लगाती है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं होती, जबकि माफियाओं के एक फोन पर पूरा प्रशासन सक्रिय हो जाता है। यह स्थिति बताती है कि झारखंड में शासन-प्रशासन किसके नियंत्रण में है।
भूमाफियाओं का आतंक
उन्होंने कहा कि राज्य में भू-माफियाओं का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि आम लोगों और आदिवासियों की रैयती जमीनों पर खुलेआम कब्जा किया जा रहा है। प्रशासनिक संरक्षण में जमीन लूटने और बेचने का खेल चल रहा है। मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछा कि आखिर आदिवासियों की जमीन और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है। यदि वे राज्य नहीं संभाल पा रहे हैं, तो उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
जांच की मांग
निशा भगत प्रकरण पर गंभीर सवाल उठाते हुए मरांडी ने कहा कि इसमें बड़ी साजिश की आशंका है और इसकी निष्पक्ष जांच कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि आत्महत्या से पूर्व निशा ने जिस पिठौरिया थाना के दारोगा अजय तिर्की का नाम लिया था, उनकी तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
