रांची। राजधानी रांची के स्टेशन रोड स्थित होटल बीएनआर चाणक्य में बुधवार को दो दिवसीय डिजी हेल्थ कॉन्क्लेव का में शुभारंभ हुआ। इस दो दिवसीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल तकनीक के माध्यम से और अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ।.इरफान अंसारी ने किया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की शुरूआत अतिथियों द्वारा पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलित कर की गई।समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि आज के दौर में स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीक का समावेश बेहद जरूरी हो गया है। राज्य सरकार का यह प्रयास है कि सुदूर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले मरीजों को भी बड़े अस्पतालों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं आसानी से मिल सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कॉन्क्लेव राज्य में डिजिटल हेल्थ मिशन को एक नई दिशा देने में मील का पत्थर साबित होगा।
डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव के दौरान स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक, टेलीमेडिसिन, रोबोटिक सर्जरी और डिजिटल हेल्थ सिस्टम को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनका कहना था कि झारखंड में संसाधनों की कमी नहीं है, जरूरत है उपलब्ध संसाधनों का सही इस्तेमाल कर स्वास्थ्य सुविधाओं को आम लोगों तक पहुंचाने की।
इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक पहल हुई है। उन्होंने कहा कि जब तक राज्य में पर्याप्त संख्या में डॉक्टर तैयार नहीं होंगे, तब तक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना मुश्किल होगा। इसलिए मेडिकल कॉलेजों की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा के विस्तार पर भी सरकार काम कर रही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि झारखंड में मेडिकल रिसर्च को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ठाकुर क्षेत्र में रिसर्च सेंटर स्थापित करने की योजना पर काम हो रहा है और इसके लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की गई है। उन्होंने कहा कि झारखंड में प्रतिभा और संसाधन दोनों हैं, लेकिन मेडिकल रिसर्च के क्षेत्र में अभी और काम करने की जरूरत है। आने वाले समय में राज्य में शोध और आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे।
कार्यक्रम के दौरान अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने स्वास्थ्य प्रबंधन में ई-हॉस्पिटल प्रणाली, टेलीमेडिसिन, डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस तरह डिजिटल माध्यमों के जरिए मरीजों के इलाज में होने वाली देरी को कम किया जा सकता है और दूरदराज के क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाई जा सकती हैं। दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में विभिन्न सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें देश-विदेश से आए विशेषज्ञ स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलावों, चुनौतियों और उनके समाधानों पर विस्तृत चर्चा करेंगे।
मोबाइल के जरिए मरीजों तक पहुंचेगी स्वास्थ्य सलाह
स्वास्थ्य मंत्री ने डिजिटल हेल्थ की योजनाओं पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहती है, जिसमें आम लोग मोबाइल के माध्यम से अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्या दर्ज करा सकें और उन्हें आवश्यक सलाह मिल सके। उन्होंने कहा कि डिजिटल सिस्टम के जरिए मरीजों को यह जानकारी मिल सकेगी कि उन्हें कब डॉक्टर से मिलना है, कौन सी जांच करानी है और आगे क्या करना है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं को ज्यादा व्यवस्थित और लोगों के लिए सुलभ बनाया जा सकेगा।
रोबोटिक सर्जरी और टेलीमेडिसिन पर भी जोर
कॉन्क्लेव में रोबोटिक सर्जरी और टेलीमेडिसिन को लेकर भी स्वास्थ्य मंत्री ने सरकार की योजना साझा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक रोबोटिक तकनीक के जरिए विशेषज्ञ डॉक्टर दूर बैठकर भी आॅपरेशन और इलाज में सहयोग कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं दूर-दराज के मरीजों तक पहुंचाई जा सकेंगी और गंभीर मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत कम होगी।
मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने की तैयारी
इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड के लोगों को गंभीर इलाज के लिए दूसरे राज्यों में न जाना पड़े, इसके लिए सरकार मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश करने वाले संस्थानों को झारखंड आने का न्योता देते हुए कहा कि सरकार उन्हें बेहतर माहौल और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के विशेषज्ञ और संस्थान झारखंड में अस्पताल खोलना चाहते हैं, तो सरकार जमीन और अन्य जरूरी सुविधाओं के स्तर पर सहयोग करने के लिए तैयार है।
झारखंड को आत्मनिर्भर बनाना लक्ष्य
इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार का मूल उद्देश्य झारखंड को स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि राज्य में मेडिकल कॉलेज, रिसर्च, डिजिटल हेल्थ, रोबोटिक सर्जरी और मेडिकल टूरिज्म जैसे क्षेत्रों को एक साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ सिर्फ बड़े शहरों या संपन्न लोगों तक सीमित न रहे, बल्कि गरीब और ग्रामीण जनता तक भी पहुंचे। डिजिटल तकनीक को इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य व्यवस्था का हिस्सा बनाया जा रहा है।