
DSPMU में एक छात्र को बांग्ला पढ़ाने वाले चार शिक्षक, वाणिज्य के 827 छात्रों के लिए कोई शिक्षक नहीं
रांची कॉलेज से विकसित होकर बने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में वर्तमान में शिक्षा के क्षेत्र में गंभीर असंतुलन देखा जा रहा है।

रांची कॉलेज से विकसित होकर बने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में वर्तमान में शिक्षा के क्षेत्र में गंभीर असंतुलन देखा जा रहा है।
रांची कॉलेज से विकसित होकर बने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में वर्तमान में शिक्षा के क्षेत्र में गंभीर असंतुलन देखा जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, ओड़िया और बांग्ला विभागों में छात्रों की संख्या बहुत कम है, फिर भी यहां स्थायी शिक्षकों की संख्या अधिक है।
बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में यूजी के 462 और पीजी के 92 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि कंप्यूटर एप्लिकेशन में यूजी के 243 और पीजी के 144 विद्यार्थी हैं।





