जामताड़ा में तनाव: सोशल मीडिया पर टिप्पणी के बाद भड़की हिंसा
जामताड़ा जिले के कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के थानारडीह गांव में शनिवार देर शाम एक युवक द्वारा सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद तनाव उत्पन्न हो गया। इस घटना के बाद, आक्रोशित भीड़ ने भूदेव महतो के घर को घेर लिया और वहां तोड़फोड़ की। पुलिस की टीम के मौके पर पहुंचने के बाद भीड़ ने उनसे तीखी नोकझोंक की और पुलिस वाहनों पर पथराव किया।
कुरूबा हटिया में शुरू हुआ विवाद
इस मामले की शुरुआत 21 अगस्त को कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के कुरूबा साप्ताहिक हटिया से हुई थी। वहां एक 50 वर्षीय मुस्लिम व्यक्ति द्वारा हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगा था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कई हिंदू संगठनों ने कर्माटांड़ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया था।
वायरल वीडियो पर दूसरी टिप्पणी से बढ़ा विवाद
इसी घटनाक्रम के बीच भूदेव महतो पर उस वायरल वीडियो को लेकर दूसरे समुदाय के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने का आरोप लगा। शनिवार देर शाम जैसे ही इसकी जानकारी फैली, बड़ी संख्या में लोग थानारडीह गांव पहुंच गए और भूदेव महतो के मकान को घेर लिया।
भीड़ ने घर में की तोड़फोड़, पुलिस पर पथराव
जैसे-जैसे स्थिति तनावपूर्ण होती गई, आक्रोशित भीड़ ने भूदेव महतो के घर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन भीड़ के उग्र होने के कारण पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान एक पेट्रोलिंग गाड़ी भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई।
तीन घंटे बाद हालात पर पाया गया काबू
करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद जामताड़ा के एसडीओ अनंत कुमार, एसडीपीओ वसीम राजा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की कोशिशों के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। पुलिस ने भूदेव महतो को भीड़ के चंगुल से निकालकर सुरक्षित थाने पहुंचाया।
गांव में भारी पुलिस बल तैनात
एसडीपीओ वसीम राजा ने बताया कि वर्तमान में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। एहतियात के तौर पर थानारडीह गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। जामताड़ा जिला पुलिस के अलावा पड़ोसी जिले दुमका से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर गांव में तैनात किया गया है।
तनाव को देखते हुए मीडिया की आवाजाही पर रोक
रात के समय तनावपूर्ण स्थिति को ध्यान में रखते हुए किसी भी अज्ञात व्यक्ति और मीडियाकर्मियों को तस्वीरें या वीडियो बनाने से रोका गया था। बाद में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बाद मीडियाकर्मियों को तस्वीरें और वीडियो बनाने की अनुमति दी गई।
