मुंबई: फिल्म द राजा साब की स्थिति अब पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है। ट्रेड सर्कल के अनुसार, प्रभास की यह फिल्म हाल के वर्षों की सबसे बड़ी बॉक्स ऑफिस फ्लॉप्स में से एक मानी जा रही है। रिलीज के 10 दिन बाद, फिल्म ने विश्व स्तर पर लगभग 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया है, लेकिन यह उपलब्धि उसे राहत नहीं दे पाई है।
फिल्म ने पहले दिन शुक्रवार को लगभग 100 करोड़ रुपये की कमाई की, जिससे उम्मीद जगी थी कि यह बॉक्स ऑफिस पर लंबे समय तक टिक सकेगी। लेकिन शुरुआती उत्साह के बाद, फिल्म की कमाई में तेज गिरावट देखने को मिली।
सोमवार टेस्ट में असफल रही फिल्म
रिपोर्ट्स के अनुसार, द राजा साब सोमवार का टेस्ट उत्तीर्ण नहीं कर पाई। सप्ताहांत समाप्त होते ही दर्शकों की रुचि तेजी से कम हो गई। संक्रांति की छुट्टियां भी फिल्म के लिए कोई चमत्कार नहीं कर पाईं। दूसरे हफ्ते में फिल्म की स्थिति और बिगड़ गई।
दूसरे सप्ताहांत में द राजा साब ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ 9 करोड़ रुपये का नेट संग्रह किया, जो पहले सप्ताहांत के मुकाबले 92 प्रतिशत से अधिक की गिरावट है। एक हफ्ते बाद, फिल्म की घरेलू कमाई करीब 139 करोड़ रुपये नेट और 167 करोड़ रुपये ग्रॉस तक पहुंची।
विदेशी बाजार ने भी नहीं दी मदद
विदेशी बाजार में भी फिल्म ने कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया। अमेरिका में मजबूत ओपनिंग डे के कारण, फिल्म ने लगभग 4 मिलियन डॉलर की कमाई की। फिर भी, वैश्विक स्तर पर फिल्म की एक हफ्ते की कुल कमाई करीब 202 करोड़ रुपये ग्रॉस के आसपास रही।
द राजा साब को 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा छूने में 10 दिन लगे। यह आंकड़ा चौंकाने वाला है, खासकर क्योंकि प्रभास की दूसरी फ्लॉप फिल्में आदिपुरुष और साहो सिर्फ दो दिनों में ही इसी उपलब्धि तक पहुंच गई थीं। इस दृष्टिकोण से, द राजा साब इन फिल्मों की तुलना में लगभग पांच गुना धीमी साबित हुई है।
लाइफटाइम कलेक्शन पर चिंता
ट्रेड विशेषज्ञों का मानना है कि आदिपुरुष और साहो ने अपने बॉक्स ऑफिस यात्रा का अंत लगभग 390 से 430 करोड़ रुपये के बीच किया। इसके विपरीत, द राजा साब का फाइनल कलेक्शन उन दोनों फिल्मों से काफी नीचे रहने की संभावना है। वर्तमान रुझान को देखते हुए, फिल्म के लिए आगे का रास्ता चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है।
जानकारी के अनुसार, मारुति के निर्देशन में बनी द राजा साब लगभग 400 करोड़ रुपये के भारी भरकम बजट पर तैयार की गई थी। मौजूदा कमाई के मद्देनजर, फिल्म अभी भी बड़े घाटे में चल रही है और प्रोड्यूसर्स के लिए नुकसान तय माना जा रहा है।
