जमशेदपुर: कदमा के टावर रोड पर स्थित टाटा स्टील के एक क्वार्टर (संख्या L5-55) को खाली कराने के दौरान शुक्रवार को बड़ा हंगामा देखने को मिला। जब टाटा स्टील यूआईएसएल (जुस्को) और सुरक्षा टीम ने वहां अवैध रूप से रह रहे परिवार को हटाने का प्रयास किया, तो स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। इस दौरान कंपनी के अधिकारियों और परिवार के बीच तीखी बहस हुई। अंततः पुलिस के हस्तक्षेप के बाद, कई घंटों की मेहनत के बाद क्वार्टर को खाली कराया गया और सील कर दिया गया।

पुलिस की मौजूदगी में क्वार्टर हुआ सील

हंगामे की सूचना मिलते ही कदमा थाना प्रभारी दिलीप कुमार यादव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने हस्तक्षेप करके स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद, कंपनी की टीम ने पुलिस की देखरेख में घर के सभी सामान को बाहर निकाला और कानूनी प्रक्रिया के तहत क्वार्टर पर ताला लगा दिया।

कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि इस क्वार्टर का आवंटन बहुत पहले समाप्त हो चुका था, फिर भी पिछले ढाई वर्षों से इसमें अवैध रूप से रहने का आरोप लगाया गया है। इसमें ट्रैफिक पुलिस के एएसआई अमरेश कुमार सिंह का परिवार रह रहा था। कंपनी का कहना है कि क्वार्टर खाली न करने पर पहले बिजली और पानी की सुविधा काट दी गई थी, लेकिन परिवार ने चोरी-छिपे इन सुविधाओं का उपयोग जारी रखा, जिससे कंपनी को आर्थिक नुकसान हुआ। अधिकारियों का कहना है कि परिवार को कई बार मौखिक और लिखित नोटिस दिए गए थे, लेकिन उन्होंने क्वार्टर नहीं खाली किया।

वहीं, एएसआई अमरेश कुमार सिंह ने कंपनी के सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्हें क्वार्टर खाली करने का कोई आधिकारिक या कानूनी नोटिस नहीं मिला था। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने बिना उनके पक्ष को सुने ही एकतरफा कार्रवाई की और उनके परिवार को जबरन घर से बाहर निकाल दिया।