लातेहार (Latehar) ज़िला मुख्य रूप से 'हिल स्टेशन नेतरहाट, नेतरहाट आवासीय विद्यालय, बेतला नेशनल पार्क, झारखंड का सबसे ऊँचा झरना लोध फॉल और दामोदर नदी का उद्गम स्थल' के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों में नेतरहाट ('छोटानागपुर की रानी'), बेतला राष्ट्रीय उद्यान (पलामू टाइगर रिजर्व), लोध जलप्रपात (बूढ़ा घाघ - झारखंड का सबसे ऊँचा झरना 143 मीटर), पलामू किला, माँ उग्रतारा मंदिर (नगर, चंदवा) और उत्तरी कोयल नदी, दामोदर नदी (उद्गम स्थल - चूल्हापानी, टोरी), औरंगा नदी, बूढ़ा नदी शामिल हैं।
| पर्यटन / दर्शनीय स्थल का नाम | श्रेणी (Category) | ज़िला एवं क्षेत्र | मुख्य आकर्षण / विशेषता |
|---|---|---|---|
| नेतरहाट ('छोटानागपुर की रानी') | प्रमुख दर्शनीय एवं पर्यटन केंद्र | लातेहार (पलामू प्रमंडल) | लातेहार का प्रमुख दर्शनीय एवं पर्यटन केंद्र |
| बेतला राष्ट्रीय उद्यान (पलामू टाइगर रिजर्व) | वन्यजीव अभयारण्य एवं इको-टूरिज्म पार्क | लातेहार (पलामू प्रमंडल) | लातेहार का प्रमुख दर्शनीय एवं पर्यटन केंद्र |
| लोध जलप्रपात (बूढ़ा घाघ - झारखंड का सबसे ऊँचा झरना 143 मीटर) | प्राकृतिक जलप्रपात / झरना (Waterfall) | लातेहार (पलामू प्रमंडल) | लातेहार का प्रमुख दर्शनीय एवं पर्यटन केंद्र |
| पलामू किला | ऐतिहासिक धरोहर एवं स्मारक | लातेहार (पलामू प्रमंडल) | लातेहार का प्रमुख दर्शनीय एवं पर्यटन केंद्र |
| माँ उग्रतारा मंदिर (नगर, चंदवा) | धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थस्थल | लातेहार (पलामू प्रमंडल) | लातेहार का प्रमुख दर्शनीय एवं पर्यटन केंद्र |
| उत्तरी कोयल नदी तट एवं प्राकृतिक क्षेत्र | प्रमुख नदी एवं नदी घाटी | लातेहार (लातेहार) | प्राकृतिक सौंदर्य, जल स्रोत एवं सांस्कृतिक महत्व |
| दामोदर नदी (उद्गम स्थल - चूल्हापानी, टोरी) तट एवं प्राकृतिक क्षेत्र | प्रमुख नदी एवं नदी घाटी | लातेहार (लातेहार) | प्राकृतिक सौंदर्य, जल स्रोत एवं सांस्कृतिक महत्व |
| औरंगा नदी तट एवं प्राकृतिक क्षेत्र | प्रमुख नदी एवं नदी घाटी | लातेहार (लातेहार) | प्राकृतिक सौंदर्य, जल स्रोत एवं सांस्कृतिक महत्व |
| बूढ़ा नदी तट एवं प्राकृतिक क्षेत्र | प्रमुख नदी एवं नदी घाटी | लातेहार (लातेहार) | प्राकृतिक सौंदर्य, जल स्रोत एवं सांस्कृतिक महत्व |
गांडीव लाइव पर लातेहार ज़िले में हो रही हर छोटी-बड़ी घटना की पल-पल की अपडेट।