चतरा (Chatra) ज़िला मुख्य रूप से 'झारखंड का प्रवेश द्वार, इटखोरी तीन धर्मों (हिन्दू, बौद्ध, जैन) का संगम स्थल, आम्रपाली व मगध कोल परियोजना (टंडवा)' के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों में माँ भद्रकाली मंदिर (इटखोरी), कौलेश्वरी पर्वत (हंटरगंज), तमासिन जलप्रपात, लावालौंग वन्यजीव अभयारण्य, गोवा जलप्रपात और दामोदर नदी, बराकर नदी, निरंजना (फल्गु) नदी, मोहाने नदी शामिल हैं।
| पर्यटन / दर्शनीय स्थल का नाम | श्रेणी (Category) | ज़िला एवं क्षेत्र | मुख्य आकर्षण / विशेषता |
|---|---|---|---|
| माँ भद्रकाली मंदिर (इटखोरी) | धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थस्थल | चतरा (उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल) | चतरा का प्रमुख दर्शनीय एवं पर्यटन केंद्र |
| कौलेश्वरी पर्वत (हंटरगंज) | प्रमुख दर्शनीय एवं पर्यटन केंद्र | चतरा (उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल) | चतरा का प्रमुख दर्शनीय एवं पर्यटन केंद्र |
| तमासिन जलप्रपात | प्राकृतिक जलप्रपात / झरना (Waterfall) | चतरा (उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल) | चतरा का प्रमुख दर्शनीय एवं पर्यटन केंद्र |
| लावालौंग वन्यजीव अभयारण्य | वन्यजीव अभयारण्य एवं इको-टूरिज्म पार्क | चतरा (उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल) | चतरा का प्रमुख दर्शनीय एवं पर्यटन केंद्र |
| गोवा जलप्रपात | प्राकृतिक जलप्रपात / झरना (Waterfall) | चतरा (उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल) | चतरा का प्रमुख दर्शनीय एवं पर्यटन केंद्र |
| दामोदर नदी तट एवं प्राकृतिक क्षेत्र | प्रमुख नदी एवं नदी घाटी | चतरा (चतरा) | प्राकृतिक सौंदर्य, जल स्रोत एवं सांस्कृतिक महत्व |
| बराकर नदी तट एवं प्राकृतिक क्षेत्र | प्रमुख नदी एवं नदी घाटी | चतरा (चतरा) | प्राकृतिक सौंदर्य, जल स्रोत एवं सांस्कृतिक महत्व |
| निरंजना (फल्गु) नदी तट एवं प्राकृतिक क्षेत्र | प्रमुख नदी एवं नदी घाटी | चतरा (चतरा) | प्राकृतिक सौंदर्य, जल स्रोत एवं सांस्कृतिक महत्व |
| मोहाने नदी तट एवं प्राकृतिक क्षेत्र | प्रमुख नदी एवं नदी घाटी | चतरा (चतरा) | प्राकृतिक सौंदर्य, जल स्रोत एवं सांस्कृतिक महत्व |
गांडीव लाइव पर चतरा ज़िले में हो रही हर छोटी-बड़ी घटना की पल-पल की अपडेट।