गढ़वा (Garhwa) ज़िला मुख्य रूप से '32 मन शुद्ध सोने की ऐतिहासिक श्री बंशीधर राधा-कृष्ण प्रतिमा, तीन राज्यों (बिहार, यूपी, छत्तीसगढ़) से जुड़ने वाला एकमात्र जिला' के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों में श्री बंशीधर मंदिर (नगर उंटारी), माँ गढ़देवी मंदिर, सुखलदरी जलप्रपात (धुरकी), सतबहिनी झरना, गुरुसिंधु जलप्रपात और सोन नदी, उत्तरी कोयल नदी, कनहर नदी शामिल हैं।
| पर्यटन / दर्शनीय स्थल का नाम | श्रेणी (Category) | ज़िला एवं क्षेत्र | मुख्य आकर्षण / विशेषता |
|---|---|---|---|
| श्री बंशीधर मंदिर (नगर उंटारी) | धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थस्थल | गढ़वा (पलामू प्रमंडल) | गढ़वा का प्रमुख दर्शनीय एवं पर्यटन केंद्र |
| माँ गढ़देवी मंदिर | धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थस्थल | गढ़वा (पलामू प्रमंडल) | गढ़वा का प्रमुख दर्शनीय एवं पर्यटन केंद्र |
| सुखलदरी जलप्रपात (धुरकी) | प्राकृतिक जलप्रपात / झरना (Waterfall) | गढ़वा (पलामू प्रमंडल) | गढ़वा का प्रमुख दर्शनीय एवं पर्यटन केंद्र |
| सतबहिनी झरना | प्राकृतिक जलप्रपात / झरना (Waterfall) | गढ़वा (पलामू प्रमंडल) | गढ़वा का प्रमुख दर्शनीय एवं पर्यटन केंद्र |
| गुरुसिंधु जलप्रपात | प्राकृतिक जलप्रपात / झरना (Waterfall) | गढ़वा (पलामू प्रमंडल) | गढ़वा का प्रमुख दर्शनीय एवं पर्यटन केंद्र |
| सोन नदी तट एवं प्राकृतिक क्षेत्र | प्रमुख नदी एवं नदी घाटी | गढ़वा (गढ़वा) | प्राकृतिक सौंदर्य, जल स्रोत एवं सांस्कृतिक महत्व |
| उत्तरी कोयल नदी तट एवं प्राकृतिक क्षेत्र | प्रमुख नदी एवं नदी घाटी | गढ़वा (गढ़वा) | प्राकृतिक सौंदर्य, जल स्रोत एवं सांस्कृतिक महत्व |
| कनहर नदी तट एवं प्राकृतिक क्षेत्र | प्रमुख नदी एवं नदी घाटी | गढ़वा (गढ़वा) | प्राकृतिक सौंदर्य, जल स्रोत एवं सांस्कृतिक महत्व |
गांडीव लाइव पर गढ़वा ज़िले में हो रही हर छोटी-बड़ी घटना की पल-पल की अपडेट।