रांची: झारखंड के वरिष्ठ पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता **ग्लैडसन डुंगडुंग** को इंडियन कैथोलिक प्रेस एसोसिएशन (ICPA) द्वारा प्रतिष्ठित **ICPA – SVD स्वामी देवानंद चाक्कुंगल हिंदी पत्रकारिता पुरस्कार** से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार आदिवासी अधिकारों, मानवाधिकारों और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर उनकी निरंतर और साहसिक पत्रकारिता के लिए दिया गया है।

आदिवासी अधिकारों पर केंद्रित पत्रकारिता

ग्लैडसन डुंगडुंग ने हिंदी और अंग्रेजी में 500 से अधिक लेख और रिपोर्टें लिखी हैं, जिनमें विस्थापन, प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार, स्वदेशी समुदायों के अधिकार और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। ICPA के अनुसार, यह पुरस्कार ऐसे पत्रकारों को दिया जाता है जो हाशिए पर रहने वाले समुदायों के मुद्दों को समाज के सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ICPA स्वामी देवानंद चाक्कुंगल पुरस्कार का महत्व

ICPA स्वामी देवानंद चाक्कुंगल हिंदी पत्रकारिता पुरस्कार भारतीय कैथोलिक प्रेस एसोसिएशन और सोसाइटी ऑफ द डिवाइन वर्ड द्वारा दिया जाने वाला एक महत्वपूर्ण सम्मान है। इसका उद्देश्य हिंदी पत्रकारिता में उत्कृष्टता और जनहितकारी कार्य को प्रोत्साहित करना है। यह पुरस्कार स्वामी देवानंद चाक्कुंगल की स्मृति में स्थापित किया गया है और इसे विशेष रूप से ईसाई समुदाय से जुड़े पत्रकारों और लेखकों को उनके योगदान के लिए प्रदान किया जाता है।

मानवाधिकारों की रक्षा में सक्रियता

ग्लैडसन डुंगडुंग ने मानवाधिकार के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण काम किए हैं। उन्होंने पुलिस अत्याचार और मानवाधिकार उल्लंघन के कई मामलों की जांच की है और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए विभिन्न स्तरों पर हस्तक्षेप किया है। इसके साथ ही, उन्होंने हजारों पेशेवरों को मानवाधिकार मुद्दों पर प्रशिक्षण भी दिया है।

35 पुस्तकों के लेखक और वैकल्पिक मीडिया के प्रवर्तक

ग्लैडसन डुंगडुंग ने आदिवासी समाज, प्राकृतिक संसाधनों, विस्थापन और जनसंघर्षों पर हिंदी और अंग्रेजी में 35 पुस्तकों का लेखन किया है। इसके अलावा, वे झारखंड ह्यूमन राइट्स रिपोर्ट के संपादक रह चुके हैं और आदिवासी समुदायों की आवाज को सशक्त बनाने के लिए वैकल्पिक मीडिया प्लेटफॉर्म **आदिवासी हुंकार** की स्थापना की है।

सामाजिक सरोकारों वाली पत्रकारिता का सम्मान

ICPA ने कहा कि स्वामी देवानंद चाक्कुंगल हिंदी पत्रकारिता पुरस्कार उन पत्रकारों को दिया जाता है जो सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आवाजहीन और हाशिए पर रहने वाले समुदायों के मुद्दों को मजबूती से उठाते हैं। संस्था ने ग्लैडसन डुंगडुंग को इस सम्मान के लिए बधाई दी और उनके पत्रकारिता, मानवाधिकार और वंचित समुदायों के हित में लंबे समय से किए गए महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की है।