बोकारो, अगस्त, 2026 : समावेशी विकास और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करते हुए, डालमिया भारत फाउंडेशन (डीबीएफ) ने बोकारो की गोरावाली साउथ पंचायत के बिश्नुपुर गाँव में टेलरिंग ट्रेनिंग सेंटर शुरू किया है। डालमिया भारत लिमिटेड की सीएसआर शाखा डीबीएफ की इस पहल के तहत फिलहाल दो बैच में कुल 50 महिलाएँ सेंटर पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग ले रही हैं।
इस प्रोग्राम का उद्देश्य महिलाओं को सिलाई का प्रैक्टिकल प्रशिक्षण देना है, ताकि वे सिलाई के काम, घर से काम और आगे चलकर अपना छोटा टेलरिंग बिजनेस शुरू कर सकें। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद महिलाएँ हर महीने 6,000 रुपए तक की कमाई कर सकती हैं। इससे उन्हें घर की आमदनी में योगदान देने के साथ-साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। यह सेंटर डीबीएफ के महिला स्किलिंग प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसे देशभर में कई सेंटर्स के जरिए चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं तक वोकेशनल ट्रेनिंग की पहुँच बढ़ाना और उन्हें कमाई के बेहतर अवसर प्रदान करना है।
इस पहल के बारे में बात करते हुए, श्री सुनील कुमार भुसारी, यूनिट हेड- बोकारो, डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड, ने कहा, “टेलरिंग ऐसा काम है, जिसे कम लागत में शुरू किया जा सकता है और स्थानीय स्तर पर भी आसानी से किया जा सकता है। जब महिलाओं के पास अपने हुनर का इस्तेमाल करने और घर व समुदाय की आमदनी में योगदान देने के मौके होते हैं, तो इसका फायदा सिर्फ उनके परिवार तक सीमित नहीं रहता। इससे हमारे देश की तरक्की में भी मदद मिलती है। हमारी स्किलिंग पहलों के जरिए हमारा प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को अपने समुदाय की तरक्की में भाग लेने और योगदान देने के लिए जरूरी हुनर और मौके मिल सकें।”

सेंटर का उद्घाटन श्री प्रकाश मिश्रा, एलडीएम,बोकारो, ने किया। इस मौके पर जिला प्रशासन, बैंकिंग और विकास से जुड़े संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद रहे। इनमें श्री प्रकाश मिश्रा, एलडीएम, बोकारो; श्री सुदीप सिन्हा, जीएम, डीआईसी, बोकारो; श्रीमती सुरिना, डीडीएम, नाबार्ड, बोकारो; और सुश्री नेहा पराशर, डायरेक्टर, जेएसएस, बोकारो शामिल रहे। कार्यक्रम में श्री संजय झा, एचआर-प्रमुख, डीसीबीएल बोकारो; श्री विनोद कुमार सिंह, टेक्निकल हेड, डीसीबीएल बोकारो और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। श्री गणेश ठाकुर, मुखिया और पीआरआई प्रतिनिधि, कार्यक्रम में विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में शामिल हुए।
यह पहल डालमिया भारत फाउंडेशन के समावेशी विकास, स्थायी आजीविका और ग्रामीण विकास पर किए जा रहे व्यापक काम को आगे बढ़ाती है। इसका फोकस ऐसे प्रैक्टिकल और आसानी से आगे बढ़ाए जा सकने वाले मौके तैयार करने पर है, जिनके जरिए समुदाय अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें।



