पलामू में गर्भवती शिक्षिका का मामला राजनीतिक चर्चा का विषय
पलामू जिले में एक गर्भवती शिक्षिका को समय पर अवकाश न मिलने और गर्भ में नवजात के निधन की घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस मुद्दे को अत्यंत गंभीर और अमानवीय बताया है। उनका आरोप है कि शिक्षिका ने चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आराम और देखभाल के लिए विभाग से अवकाश का आवेदन किया, लेकिन अवकाश स्वीकृत करने के बदले जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय द्वारा 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई।
तत्काल कार्रवाई की मांग
बाबूलाल मरांडी ने पलामू के उपायुक्त और पुलिस प्रशासन से इस मामले में त्वरित कार्रवाई की अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि जांच में कोई भी अधिकारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए। मरांडी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी कर्मचारी को उसके वैधानिक अधिकारों के लिए रिश्वत मांगना बिल्कुल अस्वीकार्य है।
