झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान की महत्वपूर्ण सफलता
झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है। झारखंड पुलिस मुख्यालय में 16 नक्सलियों ने हथियार डालते हुए आत्मसमर्पण किया। यह कार्रवाई डीजीपी के निर्देश पर सीआरपीएफ, झारखंड पुलिस और झारखंड जगुआर के सहयोग से चल रहे ‘नवजीवन-II’ नामक संयुक्त अभियान के तहत की गई। आत्मसमर्पण समारोह में डीजीपी तदाशा मिश्रा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में 14 सदस्य पोलित ब्यूरो के सदस्य मिसिर बेसरा और केंद्रीय कमेटी के सदस्य असीम मंडल की मारक टीम के प्रमुख सिपहसालार शामिल हैं।
सुरक्षा बलों की रणनीति से माओवादी संगठन कमजोर
पिछले दो महीनों में सुरक्षा बलों की रणनीति ने माओवादी संगठन को काफी कमजोर कर दिया है। गिरफ्तारियों, मुठभेड़ों और आत्मसमर्पण की “ट्रिपल स्ट्राइक” ने नक्सली संगठन की रीढ़ को क्षति पहुंचाई है। इस क्रम में 21 मई को 27 प्रमुख नक्सल कमांडरों के सामूहिक आत्मसमर्पण के बाद यह दूसरी सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। इसके बाद, 13 जुलाई को 20 लाख रुपये का इनाम घोषित किए गए कमांडर रवींद्र गंझू की गिरफ्तारी और 17 जुलाई को 25 लाख रुपये के इनाम वाले अजय महतो उर्फ टाइगर की गिरफ्तारी ने संगठन को लगातार झटके दिए हैं। वर्ष 2026 में अब तक 93 नक्सलियों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि 45 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है और सुरक्षा बलों ने 22 नक्सलियों को मारा है।
