झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा अनियमितताओं की जांच

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की विभिन्न परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की जांच सीआईडी द्वारा की जा रही है। सोमवार को जांच एजेंसी ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते से कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर पूछताछ की। सीआईडी की मुख्य प्राथमिकता परीक्षा संचालन से संबंधित निर्णयों, चयन प्रक्रिया, आयोग की प्रशासनिक भूमिका और उपलब्ध दस्तावेजों की पुष्टि करना है।

टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड की चयन प्रक्रिया

सूत्रों के अनुसार, सीआईडी सबसे पहले यह जानने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा संचालन का कार्य टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) को किन परिस्थितियों में सौंपा गया। इसके संदर्भ में एजेंसी की चयन प्रक्रिया, फाइल का स्तर और अंतिम स्वीकृति के आधार पर ख्यांगते से सवाल किए जा रहे हैं।

टीडीपीएल के खिलाफ पूर्व में दर्ज मामले

जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि आयोग को टीडीपीएल के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों या इसके ब्लैकलिस्ट होने की जानकारी थी या नहीं। यदि जानकारी थी, तो जिम्मेदारी देने के कारण क्या थे, और यदि नहीं थी, तो एजेन्सी का सत्यापन किस स्तर पर किया गया।

परीक्षा संचालन से जुड़े अन्य पहलू

पूछताछ के दौरान ओएमआर शीट की छपाई, सुरक्षित रखरखाव, परिवहन, मूल्यांकन और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की जा रही है। सीआईडी यह समझने का प्रयास कर रही है कि इन प्रक्रियाओं की निगरानी आयोग के स्तर पर किस प्रकार की जाती थी और किसी शिकायत की स्थिति में क्या कार्रवाई की गई।

पूर्व अध्यक्ष का बयान

इस बीच, ख्यांगते का पहले दिया गया एक सार्वजनिक बयान भी चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा था कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने जेपीएससी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। उनका मानना था कि यदि वे पद पर बने रहते, तो उन पर जांच को प्रभावित करने का आरोप लग सकता था।

रिश्वत के आरोप पर प्रतिक्रिया

इसी साक्षात्कार में उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा लगाए गए 40 लाख रुपये की रिश्वत के आरोप पर भी प्रतिक्रिया दी। ख्यांगते ने कहा कि इस आरोप की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

जांच की प्रगति

ज्ञात हो कि जेपीएससी परीक्षा अनियमितता मामले में सीआईडी कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और जांच लगातार जारी है। एल. ख्यांगते से हो रही पूछताछ को इस मामले की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है, हालांकि सीआईडी ने उन्हें अभी तक आरोपी घोषित नहीं किया है। उनसे पूछताछ जांच प्रक्रिया के तहत हो रही है।