रांची: झारखंड में वर्षा की कमी का संकट अब खत्म होता नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सक्रिय होने के संकेत दिए हैं। इसके चलते मंगलवार से कई जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में वर्षा की गतिविधियों में वृद्धि होने से कृषि, जलस्रोतों और भू-नमी की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।

राज्य में लगातार कम वर्षा की वजह से किसानों और आम लोगों में चिंता बढ़ गई थी। हालांकि, अब मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान राहत देने वाला है। विभाग के अनुसार, 4 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है।

9 जिलों के लिए येलो अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार सुबह से बुधवार सुबह तक झारखंड के नौ जिलों में भारी वर्षा के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में अधिक वर्षा की संभावना है, उनमें सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, खूंटी, रांची, रामगढ़, बोकारो, धनबाद और जामताड़ा शामिल हैं। इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ गरज और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।

1 और 2 जुलाई को 18 जिलों में बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के अनुसार, 1 और 2 जुलाई के बीच वर्षा का दायरा बढ़ सकता है। इस दौरान राज्य के 18 जिलों में भारी बारिश होने का अनुमान है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बारिश की भविष्यवाणी सच होती है, तो जून में हुई वर्षा की कमी काफी हद तक कम हो जाएगी।

पिछले 24 घंटों में सर्वाधिक वर्षा

बीते 24 घंटों में पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव में सबसे अधिक 49.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा, हाटगम्हरिया में 46.2 मिलीमीटर, लोहरदगा में 44.3 मिलीमीटर, बुढ़मू में 28.7 मिलीमीटर, पालकोट में 20.8 मिलीमीटर, हजारीबाग और मंझारी में 20-20 मिलीमीटर, मसानजोर में 19 मिलीमीटर, गुमला में 17.2 मिलीमीटर तथा मनोहरपुर में 7.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इस आंकड़ों से स्पष्ट है कि राज्य के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में मॉनसून की गतिविधियाँ बढ़ रही हैं।

अभी भी सामान्य से 61 प्रतिशत कम वर्षा

1 जून से 29 जून तक झारखंड में सामान्य रूप से 181.4 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए थी, जबकि इस अवधि में केवल 71.1 मिलीमीटर बारिश हुई। इस प्रकार, राज्य में अब तक सामान्य से 61 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। गढ़वा और साहेबगंज में वर्षा की कमी 99 प्रतिशत रही है। इसके अलावा, पलामू में 89 प्रतिशत, चतरा में 86 प्रतिशत, कोडरमा में 83 प्रतिशत, सरायकेला-खरसावां में 80 प्रतिशत और लोहरदगा में 73 प्रतिशत कमी रिकॉर्ड की गई है। लगातार कम वर्षा के कारण कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जलस्रोतों का स्तर भी घट रहा है।

डालटनगंज में अधिकतम तापमान

सोमवार को डालटनगंज में राज्य का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, रांची में 33.9 डिग्री, जमशेदपुर में 36.8 डिग्री और बोकारो में 33.1 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी दिनों में बारिश के बढ़ने से तापमान में गिरावट आएगी।

मॉनसून की स्थिति

झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 12 जून को प्रवेश कर चुका था, लेकिन यह अब तक राज्य के 24 में से 22 जिलों तक ही पहुंचा है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों में शेष जिलों में भी मॉनसून के आगे बढ़ने की संभावना है। इसके बाद पूरे राज्य में वर्षा की गतिविधियाँ तेज होने की उम्मीद है।

जुलाई के पहले सप्ताह में बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई के पहले सप्ताह में झारखंड में सामान्य रूप से बादल छाए रहने, कई स्थानों पर गरज के साथ वर्षा होने और कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। यदि यह पूर्वानुमान सही साबित होता है, तो लंबे समय से चली आ रही वर्षा की कमी दूर हो जाएगी, जिससे कृषि, पेयजल और जलाशयों की स्थिति में सुधार संभव हो सकेगा।