झारखंड में लेबर कोड के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
जमशेदपुर में ट्रेड यूनियनों ने केंद्र सरकार द्वारा चार नए लेबर कोड के अधिसूचन के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। इस स्थिति के मद्देनजर, राज्य सरकार द्वारा इन कोडों के कार्यान्वयन के लिए बनाए जा रहे नियमों के मसौदे पर गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है। उप श्रमायुक्त कार्यालय के समक्ष आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में श्रमिक नेताओं ने अपने विचार साझा किए।
श्रमिक अधिकारों का हनन
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चारों लेबर कोड के नियमों का कार्यान्वयन श्रमिकों के अधिकारों का हनन करेगा। इसमें श्रमिकों के संगठन बनाने के अधिकार और सामाजिक सुरक्षा के प्रावधानों में अस्पष्टता शामिल है। नेताओं ने यह भी कहा कि न्यूनतम मजदूरी के मानकों का पालन कड़ाई से नहीं होगा और काम के घंटों का नियमन भी सख्त नहीं रहेगा, जिससे श्रमिकों के शोषण का खतरा बढ़ सकता है।
श्रम संगठनों की भागीदारी
इस विरोध प्रदर्शन में विभिन्न श्रम संगठनों के कई नेता शामिल हुए, जिनमें का हीरा अरकैने, एसके राय, बिस्वजीत देब, संजय कुमार, गुप्तेश्वर सिंह, केपी सिंह, तिमिर मुखर्जी, सुब्रतो बिस्वास, पीजुष गुप्ता, विनय कुमार, यशवंत मौली और दीप सेन शामिल थे। इन नेताओं ने एकजुट होकर श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाई।
