नाबार्ड के उप महाप्रबंधक राकेश सिन्हा ने किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए कार्बन वित्त की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नाबार्ड की योजनाएं और वित्तीय सहयोग इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कार्बन मार्केट का महत्व

पूर्व पीसीसीएफ डॉ. एच. एस. गुप्ता ने कार्बन मार्केट को पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने इसके लाभों पर चर्चा करते हुए कहा कि यह न केवल पर्यावरण के लिए, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए भी फायदेमंद है।

आर्द्रभूमि संरक्षण की आवश्यकता

पीसीसीएफ (वेटलैंड) एटी मिश्रा ने आर्द्रभूमि संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन में कार्बन वित्त की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि यह संरक्षण प्रयासों को मजबूती प्रदान कर सकता है।

कार्यशाला का उद्देश्य

क्लाइमटेक्स के निदेशक विजय ने कार्यशाला के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य राज्य में जलवायु अनुकूल कृषि, कृषि वानिकी, और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए कार्बन वित्त की संभावनाओं पर विचार करना था। कार्यक्रम की शुरुआत अनुराधा मिश्रा, वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO), द्वारा स्वागत भाषण के साथ की गई।