झारखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस की सक्रियता

रांची : झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया शुरू होते ही कांग्रेस पार्टी ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि राज्य में किसी भी योग्य मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं कटना चाहिए। यदि ऐसा होता है, तो कांग्रेस सड़क से लेकर चुनाव आयोग तक संघर्ष करेगी। इसी संदर्भ में रविवार को रांची में प्रदेश कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने की। इस बैठक में प्रदेश प्रभारी के. राजू भी उपस्थित रहे।

जिम्मेदारियों का वितरण

बैठक के दौरान कांग्रेस के मंत्रियों, विधायकों, जिला अध्यक्षों और संगठन के अन्य पदाधिकारियों को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपी गईं। यह तय किया गया कि हर विधानसभा, प्रखंड, पंचायत और बूथ स्तर पर एसआईआर की प्रक्रिया पर गहन निगरानी रखी जाएगी। जहां भी किसी मतदाता को आवेदन भरने, दस्तावेज जमा करने या नाम सत्यापन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा, वहां कांग्रेस कार्यकर्ता तत्परता से सहायता प्रदान करेंगे।

संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की भूमिका

बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए प्रदेश प्रभारी के. राजू ने बताया कि पिछले तीन दिनों से राज्य के विभिन्न स्तरों पर लगातार बैठकें आयोजित की गई हैं। सभी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य केवल राजनीति करना नहीं है, बल्कि हर योग्य मतदाता के मतदान अधिकार की रक्षा करना है। इसलिए संगठन के सभी स्तरों पर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

संविधानिक अधिकारों की रक्षा

के. राजू ने बताया कि कांग्रेस ने पंचायत स्तर तक संगठन को मजबूत किया है और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण भी दिया गया है। ये कार्यकर्ता एसआईआर के दौरान लोगों को आवश्यक जानकारी देंगे और आवश्यकता पड़ने पर उनके दस्तावेज तैयार कराने में मदद करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस के कार्यकर्ता राज्य के अधिकांश बूथों पर सक्रिय रहेंगे और पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।

गंभीर आरोप और निगरानी टीमें

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यदि एसआईआर के नाम पर किसी योग्य मतदाता का नाम हटाने या उसे मतदान के अधिकार से वंचित करने का प्रयास किया गया, तो पार्टी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। इस मामले को पहले प्रशासन और चुनाव आयोग के सामने उठाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर राज्यव्यापी आंदोलन भी किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिला और विधानसभा स्तर पर अलग-अलग निगरानी टीमें बनाई जाएंगी। ये टीमें एसआईआर से संबंधित शिकायतों की नियमित समीक्षा करेंगी और प्रभावित मतदाताओं को हर संभव सहायता प्रदान करेंगी। कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने और यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि कोई भी योग्य मतदाता अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित न रहे।