
द फॉलोअप प्रभाव: अनाथ मंजू और सुशील की कहानी मुख्यमंत्री हेमंत तक पहुंची, मिलेगी पूरी मदद
महज सात साल की मंजू सोरेन और उसके चार वर्षीय भाई सुशील सोरेन की स्थिति ने सभी को हिलाकर रख दिया है।

महज सात साल की मंजू सोरेन और उसके चार वर्षीय भाई सुशील सोरेन की स्थिति ने सभी को हिलाकर रख दिया है।
महज सात साल की मंजू सोरेन और उसके चार वर्षीय भाई सुशील सोरेन की स्थिति ने सभी को हिलाकर रख दिया है।
एक साल के भीतर इस परिवार में दो बड़े दुखदायी घटनाएं घटीं। पहले आग की एक घटना में उनकी मां ललिता मुर्मू का निधन हो गया, और इसके कुछ महीनों बाद उनके पिता साहब लाल सोरेन का भी निधन हो गया।
मंजू और सुशील ने अपनी मासूमियत के साथ यह इच्छा जताई है कि वे भी पढ़ाई करना चाहते हैं। हालांकि, उनके पास जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड की कमी के कारण उनकी शिक्षा शुरू नहीं हो पा रही है।





