
अब योजना राशि के खर्च का एकमुश्त आवंटन अधिकार नहीं मिलेगा।
झारखंड सरकार की आर्थिक स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इस परिस्थिति को सुधारने के लिए राज्य सरकार ने विभिन्न उपायों पर कार्य करने का निर्णय लिया है।

झारखंड सरकार की आर्थिक स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इस परिस्थिति को सुधारने के लिए राज्य सरकार ने विभिन्न उपायों पर कार्य करने का निर्णय लिया है।
झारखंड सरकार की आर्थिक स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इस परिस्थिति को सुधारने के लिए राज्य सरकार ने विभिन्न उपायों पर कार्य करने का निर्णय लिया है।
राज्य सरकार अपने बजट में विभिन्न विभागों की योजनाओं को शामिल करती है। विधानसभा से बजट स्वीकृति मिलने के बाद, वित्त विभाग की सहमति से विभाग स्वीकृत्यादेश जारी करते हैं।
फिर भी, वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए, वित्त विभाग ने अब पार्टवाइज आवंटन आदेश जारी करने का फैसला लिया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि किसी योजना की पूरी राशि एक साथ निकासी न हो सके।
वर्तमान सरकार के गठन के समय विभिन्न विभागों के पीएल खाते में लगभग 22 हजार करोड़ रुपये की राशि जमा थी।
पूर्व वित्त सचिव अमित खरे के कार्यकाल के दौरान, विभाग ने पीएल खाते में राशि रखने की अवधि को दो वर्ष तक सीमित किया था। लेकिन वर्तमान सरकार ने इस अवधि को बढ़ाकर चार वर्ष कर दिया है।





