
मन्ना डे की पुण्यतिथि: मोहम्मद रफी भी थे उनके प्रशंसक, कठिन गानों के लिए याद किया जाता है
मुंबई: कुछ आवाजें समय के साथ और अधिक गहराई प्राप्त करती हैं। जब भी भारतीय संगीत की चर्चा होती है, एक नाम अपने आप ही जुबान पर आ जाता है – मन्ना डे।

मुंबई: कुछ आवाजें समय के साथ और अधिक गहराई प्राप्त करती हैं। जब भी भारतीय संगीत की चर्चा होती है, एक नाम अपने आप ही जुबान पर आ जाता है – मन्ना डे।
मुंबई: कुछ आवाजें समय के साथ और अधिक गहराई प्राप्त करती हैं। जब भी भारतीय संगीत की चर्चा होती है, एक नाम अपने आप ही जुबान पर आ जाता है – मन्ना डे।
मन्ना डे का असली नाम प्रबोध चंद्र डे था। उनका जन्म 1 मई 1919 को कोलकाता में हुआ। बचपन से ही उन्हें संगीत में गहरी रुचि थी। उनके परिवार में भी संगीत का माहौल था, जिसने उनकी नींव को मजबूत किया।
मन्ना डे ने 1942 में फिल्म 'तमन्ना' से अपने करियर की शुरुआत की। शुरुआती दौर में उन्हें भी संघर्ष का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें धीरे-धीरे पहचान दिलाई।
मन्ना डे की सबसे बड़ी विशेषता उनकी तकनीकी क्षमता थी। जब भी किसी फिल्म में कठिन गाना होता था, संगीतकार पहले उन्हें ही याद करते थे।
1968 की फिल्म 'पड़ोसन' का गाना 'एक चतुर नारी' आज भी सबसे कठिन गानों में गिना जाता है। इस गाने के लिए मन्ना डे का चयन किया गया था।





