
झारखंड: मुख्यमंत्री ने शिक्षा नीति तैयार करने का दिया निर्देश—भाषाई और सांस्कृतिक विविधता का ध्यान रखें
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड में शिक्षा नीति को राज्य की भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता के अनुरूप बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड में शिक्षा नीति को राज्य की भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता के अनुरूप बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड में शिक्षा नीति को राज्य की भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता के अनुरूप बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
सीएम सोरेन ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम, आत्मविश्वासी और प्रतिस्पर्धी बनाना भी होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य के बच्चे अपने घर और समुदाय में अपनी मातृभाषा एवं विभिन्न स्थानीय भाषाओं का प्रयोग करते हैं, जबकि विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रायः हिंदी या अंग्रेजी माध्यम से होता है।
सीएम ने विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने और डिजिटल रूप से समृद्ध करने पर बल दिया।





