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गिरिडीह: आदिवासी देवा सोरेन जर्जर घर में रहने को मजबूर, आवास योजना से वंचित
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गिरिडीह: आदिवासी देवा सोरेन जर्जर घर में रहने को मजबूर, आवास योजना से वंचित

गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड स्थित मंझिलाडीह गांव में एक आदिवासी व्यक्ति, देवा सोरेन, की दयनीय स्थिति उजागर हुई है।

Aaditya Hriday • 30 जुलाई 2026पूरी ख़बर पढ़ें
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गिरिडीह: आदिवासी देवा सोरेन जर्जर घर में रहने को मजबूर, आवास योजना से वंचित — मुख्य बिंदु

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    गिरिडीह: आदिवासी देवा सोरेन जर्जर घर में रहने को मजबूर, आवास योजना से वंचित

    गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड स्थित मंझिलाडीह गांव में एक आदिवासी व्यक्ति, देवा सोरेन, की दयनीय स्थिति उजागर हुई है।

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    बारिश में गिरने का खतरा

    देवा सोरेन का घर पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। निरंतर होती बारिश के कारण उनका आशियाना धराशायी होने की कगार पर है।

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    पत्नी के निधन के बाद बढ़ी चुनौतियां

    स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, देवा सोरेन की पत्नी का निधन हो चुका है, जिसके बाद उनकी मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं।

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    आवास योजनाओं से वंचित

    यह सबसे बड़ा सवाल है कि आजादी के लगभग आठ दशक बाद भी देवा सोरेन जैसे जरूरतमंद व्यक्ति को प्रधानमंत्री आवास योजना या अन्य आवास योजनाओं का लाभ नहीं मिला है।

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    आदिवासी नेतृत्व पर सवाल

    यह विडंबना है कि जिस राज्य में आदिवासी नेतृत्व का दावा किया जाता है, वहां एक आदिवासी व्यक्ति सुरक्षित आवास और सम्मानजनक जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है।

प्रकाशित: 30 जुलाई 2026 • संपादकीय डेस्क: Aaditya Hriday

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