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साहिबगंज के जनजातीय गांव में सड़क की कमी, मरीज को 5 किमी पैदल ले गए एंबुलेंस जैसी खाट पर।
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साहिबगंज के जनजातीय गांव में सड़क की कमी, मरीज को 5 किमी पैदल ले गए एंबुलेंस जैसी खाट पर।

साहिबगंज जिले के मंडरो प्रखंड में आज भी कई गांव ऐसे हैं, जहां सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।

Aaditya Hriday • 21 अगस्त 2026पूरी ख़बर पढ़ें
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साहिबगंज के जनजातीय गांव में सड़क की कमी, मरीज को 5 किमी पैदल ले गए एंबुलेंस जैसी खाट पर। — मुख्य बिंदु

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    साहिबगंज के जनजातीय गांव में सड़क की कमी, मरीज को 5 किमी पैदल ले गए एंबुलेंस जैसी खाट पर।

    साहिबगंज जिले के मंडरो प्रखंड में आज भी कई गांव ऐसे हैं, जहां सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।

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    बीमार महिला को खाट पर लादकर अस्पताल पहुंचाया गया

    हाल ही में मंडरो प्रखंड की खैरवा पंचायत के अमडाबेडो गांव में एक महिला सुरजी पहाड़िन बीमार पड़ गईं। परिजनों और ग्रामीणों ने मिलकर खाट में रस्सी बांधकर और बांस के सहारे डोली तैयार की।

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    सड़क की कमी से एंबुलेंस भी नहीं पहुंचती

    ग्रामीणों का कहना है कि गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस भी वहां नहीं पहुंच पाती।

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    खाट और बांस की डोली बनी 'एंबुलेंस'

    सड़क की अनुपस्थिति ने ग्रामीणों को खाट और बांस से बनी डोली को अपनी 'एंबुलेंस' बना दिया है। खासकर बरसात के मौसम में कच्चे और कीचड़ भरे रास्तों से मरीजों को ले जाना और भी मुश्किल हो जाता है।

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    विकास के दावों पर उठ रहे हैं सवाल

    ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क से जोड़ने के लिए कई योजनाएं चला रही है और आसपास के क्षेत्रों में सड़क निर्माण भी हुआ है, लेकिन इन जनजातीय बहुल गांवों तक अभी तक सड़क सुविधा नहीं पहुंच सकी है।

प्रकाशित: 21 अगस्त 2026 • संपादकीय डेस्क: Aaditya Hriday

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