राहुल गांधी ने दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्राओं से की बातचीत

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्राओं के साथ संवाद किया। इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए उन्होंने कहा कि देश का भविष्य मजबूत हाथों में है और आने वाले समय में जनरेशन जेड की महिलाएं नेतृत्व की भूमिका निभाएंगी।

गर्गी कॉलेज के विवाद पर चर्चा

इस बातचीत में गर्गी कॉलेज सहित विभिन्न कॉलेजों की छात्राएं शामिल रहीं। संवाद की शुरुआत हाल ही में गर्गी कॉलेज से जुड़े विवाद से हुई, जहां छात्राओं ने अपनी चिंताओं और अनुभवों को साझा किया। इस दौरान एक छात्रा ने राहुल गांधी को भविष्य का प्रधानमंत्री देखने की इच्छा जताई, जिस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए हल्के अंदाज में प्रतिक्रिया दी।

महिला आरक्षण पर सरकार को घेरा

बातचीत के दौरान महिला आरक्षण विधेयक पर भी सवाल उठे। राहुल गांधी ने कहा कि जब इस बिल को पहले पेश किया गया था, तब विपक्ष ने इसका समर्थन किया था। लेकिन अब सरकार का उद्देश्य अलग है। उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रस्ताव का फोकस परिसीमन पर है, जिससे राज्यों के बीच असंतुलन और विवाद उत्पन्न हो सकता है।

‘सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं, असली भागीदारी जरूरी’

राजनीति में महिलाओं की सीमित और प्रतीकात्मक भागीदारी को लेकर पूछे गए सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी इस स्थिति को बदलने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने महिलाओं की वास्तविक भागीदारी और सशक्तिकरण को अपने विज़न का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

छात्राओं ने साझा की अपनी सोच

संवाद के दौरान छात्राओं ने राजनीति में नफरत और टकराव की बजाय एकता, सम्मान और सकारात्मक माहौल की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी ऐसी राजनीति चाहती है, जिसमें संवाद और समावेशिता को प्राथमिकता दी जाए।

करीब आधे घंटे चली इस बातचीत में गंभीर मुद्दों के साथ हल्के-फुल्के पल भी देखने को मिले। अंत में राहुल गांधी ने छात्राओं की बेबाकी की सराहना करते हुए कहा कि नई पीढ़ी, खासकर महिलाएं, देश को नई दिशा देने के लिए तैयार हैं।